भोपाल: राज्य सरकार ने प्रदेश के दो जिलों दतिया एवं सीहोर से सायबर तहसील की प्रक्रिया पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रारंभ कर दी है। इन दोनों जिलों के लिये सायबर तहसील का मुख्यालय भोपाल रहेगा।
सायबर तहसील के माध्यम से नामांतरण आदि की कार्यवाही ऑनलाईन होगी। इन दोनों जिलों में सायबर तहसील का काम देखने तथा कोई कमी-बेशी आने पर उसका निराकरण कर कुछ माह बाद इसे प्रदेश के अन्य सभी जिलों में लागू किया जायेगा।
अभी एक ही खसरा नंबर नामांतरित हो सकेगा-
सायबर तहसील में अभी ऑनलाईन एक ही खसरा नंबर नामांतरित हो सकेगा। यदि एक खसरा नंबर में कई बटान हैं तो उनका सायबर तहसील के माध्यम से नामांतरण नहीं होगा। ऐसा इसलिये क्योंकि सायबर तहसील के ऑनलाईन सिस्टम में खसरा नंबर ही लेने का प्रावधान है तथा यदि खसरा नंबर की पूरी भूमि हस्तांतरित हो रही है तो ही यह सायबर तहसील के माध्यम से हो सकेगा।
बाद में जब सायबर तहसील का साफ्टवेयर अपडेट होगा तब खसरा नंबर के अंतर्गत की भूमि के बटान का भी नातांतरण हो सकेगा। इसके लिये वर्तमान में मुद्रांक एवं पंजीयन कार्यालय में ग्रामीण क्षेत्रों की जिन जमीनों की रजिस्ट्री होगी, वह खसरा नंबर की पूरी जमीन की होगी तथा रजिस्ट्री के बाद उसकी जानकारी पंजीयन कार्यालय का रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ऑनलाईन सायबर तहसील को भेजेगा जहां उसका नामांतरण हो सकेगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि सायबर तहसील पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी दो जिलों से प्रारंभ की गई है। फिलहाल साफ्टवेयर एक ही खसरा नंबर को नामांतरण के लिये ले रहा है, इसलिये बटान की भूमि का नामांकन नहीं होगा।