SCO Summit 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार यानी आज 4 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में बैठक की मेजबानी की. यह बैठक वर्चुअली आयोजित हुई, जिसमें रूस, चीन समेत एससीओ के सदस्य देश शामिल हुए.

बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, पिछले दो दशकों में एससीओ एशियाई क्षेत्र की शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है. हम इस क्षेत्र को न केवल एक विस्तारित पड़ोस के रूप में बल्कि एक विस्तारित परिवार के रूप में भी देखते हैं.

उन्होंने आगे कहा, भारत ने SCO में सहयोग के लिए पांच नए स्तंभ बनाए हैं. जिसमें स्टार्टअप और इनोवेशन, पारंपरिक औषधि, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन, साझा बौद्ध विरासत शामिल है. SCO के अध्यक्ष के रूप में भारत ने हमारे बहुआयामी सहयोग को नई उचाईयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं. इन सभी प्रयासों को हमने दो सिद्धांतों पर आधारित किया है.

'वसुधैव कुटुंबकम' यानी पूरा विश्व एक परिवार- PM

पीएम मोदी ने बताया, पहला- 'वसुधैव कुटुंबकम' यानी पूरा विश्व एक परिवार है. ये सिद्धांत प्राचीन समय से हमारे सामाजिक आचरण का अभिन्न अंग रहा है और आधुनिक समय में ये हमारी प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है. दूसरा- सुरक्षित यानि सुरक्षा, आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी, एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान साथ ही पर्यावरण संरक्षण.

उन्होंने कहा कि हमें मिलकर यह विचार करना चाहिए कि क्या हम एक संगठन के रूप में हमारे लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में समर्थ हैं? क्या हम आधुनिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं? क्या SCO एक ऐसा संगठन बन रहा है, जो भविष्य के लिए पूरी तरह से तैयार हो?

आतंकवाद पर PM मोदी का प्रहार-

आतंकवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी बोले, आतंकवाद क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति के लिए प्रमुख खतरा बना हुआ है. इस चुनौती से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है. आतंकवाद चाहे किसी भी रूप में हो, किसी भी अभिव्यक्ति में हो, हमें इसके विरुद्ध मिलकर लड़ाई करनी होगी.

बिना नाम लिए पाकिस्तान को घेरते हुए उन्होंने कहा, कुछ देश CROSS-BORDER TERRORISM को अपनी नीतियों के INSTRUMENT के रूप में इस्तेमाल करते हैं. आतंकवादियों को पनाह देते हैं. SCO को ऐसे देशों की आलोचना में कोई संकोच नहीं करना चाहिए.

भारत-अफगानिस्तान संबंध पर कहीं ये बड़ी बात-

युवाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया, SCO देशों के युवाओं के लिए हमने नए कार्यक्रम आयोजित किए है. जिसमें युवा वैज्ञानिक सम्मेलन, युवा लेखक सम्मेलन, युवा रेजिडेंट्स स्कॉलर्स कार्यक्रम, स्टार्टअप फोरम, युवा परिषद शामिल हैं.

उन्होंने आगे बताया कि भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं. पिछले दो दशकों में हमने अफगानिस्तान के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए योगदान दिया है. 2021 के घटनाक्रम के बाद भी हम मानवीय सहायता भेजते रहे हैं. यह आवश्यक है कि अफगानिस्तान की भूमि पड़ोसी देशों में अस्थिरता फैलाने या Extremist विचारधाराओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयोग न की जाए.

हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ना चाहिए-PM

वहीं, आतंकवादी गतिविधियों का जिक्र करते हुए पीएम बोले, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए आतंकवाद एक खतरा है. चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है. हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ना चाहिए, चाहे वह किसी भी रूप में हो. कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को एक नीतिगत उपकरण के रूप में उपयोग करते हैं और आतंकवादियों को आश्रय देते हैं. एससीओ को ऐसे देशों की निंदा करनी चाहिए.

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