भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी. पार्टी आज 44वां स्थापना दिवस मना रही है. इस अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम हो रहे हैं. बीजेपी के 44वें स्थापना दिवस पर PM मोदी ने कहा, हनुमान जयंती के शुभ दिन पर, मैं सभी के लिए उनके आशीर्वाद की प्रार्थना करता हूं. आज भारत बजरंग बली जैसी महाशक्तियों को साकार कर रहा है, भारत सागर जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए और अधिक मजबूत होकर उभरा है.
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पीएम मोदी बोली, हमारी पार्टी, हमारे कार्यकर्ता लगातार हनुमान जी के मूल्यों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हैं. आज हम सभी अपनी पार्टी का स्थापना दिवस मना रहे हैं. मां भारती की सेवा में समर्पित प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं. भाजपा की स्थापना से लेकर आज तक जिन महान विभूतियों ने पार्टी को सींचा है. पार्टी को संवारा है, सशक्त और समृद्ध किया है, छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर के वरिष्ठ पद पर रह कर देश और पार्टी की सेवा करने वाले सभी महानुभावों को मैं शीश झुका कर प्रणाम करता हूं.
उन्होंने आगे कहा, हनुमान जी कुछ भी कर सकते हैं, सबके लिए करते हैं, लेकिन अपने लिए कुछ नहीं करते. भारतीय जनता पार्टी इसी से प्रेरणा लेती है. आज हम देश के कोने-कोने में भगवान हनुमान जी की जन्म जयंती मना रहे हैं. हनुमान जी का जीवन और उनके जीवन के प्रमुख प्रसंग आज भी हमें पुरषार्थ के लिए प्रेरित करते हैं. भारत की विकास यात्रा के लिए प्रेरणा देते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि हनुमान जी के पास असीम शक्ति है लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल वो तभी कर पाते हैं जब स्वयं पर से उनका संदेह समाप्त हो जाता है. 2014 से पहले भारत की भी यही स्थिति थी लेकिन आज भारत बजरंगबली जी की तरह अपने भीतर सूक्त शक्तियों का आभास कर चुका है. आज भारत समंदर जैसी विशाल चुनौतियों को पार करने और उनका मुकाबला करने में पहले से ज्यादा सक्षम है.
उन्होंने बताया कि जब हनुमान जी को राक्षसों का सामना करना पड़ा था तो वो उतने ही कठोर भी हो गए थे. इसी प्रकार से जब भ्रष्टाचार की बात आती है, जब परिवारवाद की बात आती है, कानून व्यवस्था की बात आती है तो भाजपा उतनी ही संकल्पबद्ध हो जाती है. मां भारती को इन बुराइयों से मुक्ति दिलाने के लिए कठोर होना पड़े तो कठोर हों.
पीएम मोदी ने कहा कि आज की मॉडर्न परिभाषा में जिस बात का बार बार जिक्र किया जाता है वो Can Do Attitude है. अगर हनुमान जी का पूरा जीवन देखें तो डगर डगर पर Can Do Attitude की संकल्पशक्ति ने उनके लिए सफलता लाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करती है. 'कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम्ह पाही' यानी ऐसा कोई भी काम नहीं है जो पवन पुत्र हनुमान कर नहीं सकते.
उन्होंने आगे बताया कि जब लक्ष्मण जी पर संकट आया तो पूरा पर्वत ही उठा लाए. भाजपा भी इसी प्रेरणा से परिणाम लाने में लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करती रही है, करते रहना है, करते रहेंगे. 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' भारतीय जनता पार्टी का मंत्र और लक्ष्य रहा है.
पीएम मोदी ने बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी कैसे बनी इसके बारें में बताते हुए कहा कि जब जनसंघ का जन्म हुआ तो हमारे पास न तो ज्यादा राजनीतिक अनुभव था और न ही पर्याप्त संसाधन. हमारे पास सिर्फ 'मातृ भूमि की भक्ति' और 'लोक तंत्र की शक्ति' यानी 'मातृभूमि की भक्ति' और 'लोकतंत्र की शक्ति' थी.
उन्होंने आगे कहा, हम शुरू से ही उस देश के लोगों की बुद्धि और मूल्यों में गहरी आस्था रखते हैं, जो खुद 'लोकतंत्र की जननी' है. यह विश्वास दिन-ब-दिन अधिक से अधिक मजबूत होता जा रहा है. लोकतंत्र की कोख से जन्मा भाजपा लोकतंत्र के 'अमृत' से पोषित हुआ है, संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए गहराई से समर्पित है.
पीएम मोदी ने बताया कि भाजपा वो पार्टी है जिसके लिए राष्ट्र सदा सर्वोपरि रहा है. एक भारत-श्रेष्ठ भारत जिसकी आस्था का मूलमंत्र रहा है. जब जनसंघ का जन्म हुआ था तो हमारे पास न ज्यादा सियासी अनुभव था, न साधन थे, न संसाधन थे लेकिन हमारे पास मातृभूमि के प्रति भक्ति और लोकतंत्र की शक्ति थी.
उन्होंने आगे कहा, हमने राष्ट्र प्रथम के मंत्र को अपना आदर्श बनाया है. भाजपा ने लोकतंत्र की कोख से जन्म लिया, लोकतंत्र के अमृत से पोषित है और भाजपा देश के लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करते हुए समर्पण भाव से दिन-रात देश के लिए काम कर रही है. आज भाजपा विकास और विश्वास का पर्याय है. नए विचार का पर्याय है और देश की विजय यात्रा में एक मुख्य सेवक बन कर अपनी भूमिका निभा रही है.
पीएम मोदी बोले, भाजपा सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ काम कर रही है. सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को हमने हमेशा अपने हृदय और कार्यशैली में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. सामाजिक न्याय हमारे लिए राजनीतिक नारेबाजी का हिस्सा नहीं बल्कि हमारे लिए Article of Faith है.
उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा कि सामाजिक न्याय के नाम पर कई राजनीतिक दलों ने देश के साथ खिलवाड़ किया है. उन्होंने अपने परिवारों का कल्याण सुनिश्चित किया, लोगों का नहीं. दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के लिए सामाजिक न्याय कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक 'आस्था का अनुच्छेद' रहा है.
पीएम मोदी ने बताया, भाजपा सामाजिक न्याय को जीती है. इसकी भावना का अक्षरश: पालन करती है. 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलना सामाजिक न्याय का प्रतिबिंब है. 50 करोड़ गरीबों को बिना भेदभाव 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलना सामाजिक न्याय की सशक्त अभिव्यक्ति है.
उन्होंने आगे कहा, 45 करोड़ गरीबों के बिना भेदभाव जनधन खाते खोलना सामाजिक न्याय के Inclusive Agenda का जीता जगता उदहारण है. 11 करोड़ लोगों को शौचालय मिलना ही तो सामाजिक न्याय है. बिना तुष्टिकरण और भेदभाव किए भाजपा सामाजिक न्याय के इरादों को सच्चे अर्थों में साकार करने वाला एक पर्याय बन कर उभरी है.
पीएम मोदी बोले, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के रूप में, हमें खुद को चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रखना चाहिए. हमें लोगों का दिल जीतना सुनिश्चित करना चाहिए. हमें प्रत्येक चुनाव उसी स्तर की ऊर्जा और कड़ी मेहनत के साथ लड़ना है जैसा कि हम 1980 के दशक से करते आ रहे हैं. मुझे दृढ़ विश्वास है कि हमारे कार्यकर्ताओं की भक्ति, समर्पण और शक्ति और 'राष्ट्र प्रथम' का हमारा मंत्र हमें प्रेरणा देता रहेगा.
उन्होंने कहा, इस शुभ अवसर पर जब भाजपा अपने गठन के 50 वर्ष पूरे कर रही है और राष्ट्र, 100 वर्ष पूरे कर रही है, आइए हम अपने देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, सभी का दिल जीतने, मां भारती के सपनों को साकार करने का, उसकी स्वतंत्रता का संकल्प लें. मैं प्रार्थना करता हूं कि हनुमान जी हम सभी पर कृपा करें. मैं प्रार्थना करता हूं कि लोगों का विश्वास और आशीर्वाद हमारे साथ, भारतीय जनता पार्टी के साथ बना रहे.
पीएम मोदी बोले, आज भाजपा देश में एक नए पॉलिटिकल कल्चर का नेतृत्व कर रही है जबकि कांग्रेस और उसके ही जैसे अन्य दलों का कल्चर आप देख सकते हैं. परिवारवाद, वंशवाद, जातिवाद और क्षेत्रवाद के बंधक हैं ये सभी दल, जबकि भाजपा का पॉलिटिकल कल्चर प्रत्येक देशवासी को साथ लेकर चलने का है. कांग्रेस और उसकी जैसी पार्टियों का कल्चर है छोटा-छोटा सोचना और उस से भी कम हासिल कर के खुशियां मानना. ये एक-दूसरे की पीठ थपथपा कर खुश हैं, जबकि भाजपा का पॉलिटिकल कल्चर है बड़े सपने देखना और उस से भी ज्यादा हासिल करने के लिए जी-जान से जुट जाना.
उन्होंने बताया कि हम शरीर का कण-कण और समय का पल-पल खपाने का हौसला रखते हैं. 2014 में केवल सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ. 2014 में भारत के लोगों ने भारत के पुनर्जागरण की नई यात्रा का शंखनाद कर दिया है. 800 साल से ज्यादा की गुलामी से बाहर निकल कर एक राष्ट्र अपना खोया हुआ गौरव पाने के लिए फिर से उठ खड़ा हुआ है.
पीएम मोदी ने कहा कि इसी प्रक्रिया में दशकों से चली आ रही बुराइयां धीरे-धीरे कमजोर पड़ती जा रही हैं. सन् 47 में अंग्रेज भले ही चले गए लेकिन लोगों को गुलाम रखने की मानसिकता यहीं छोड़ गए. आजादी के बाद देश में ऐसा वर्ग खूब फला-फूला जो सत्ता को अपना जन्मजात हक़ समझता था. इन लोगों की बादशाही मानसिकता ने देश के लोगों को हमेशा अपना गुलाम माना.