प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी सिडनी के एरिना स्टेडियम में पहुंच गए हैं. यहां पर वैदिक मंत्रों के साथ उनका स्वागत किया गया. पीएम मोदी के साथ ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथोनी अल्बानीज भी हैं. इस दौरान पूरा स्टेडियम उत्साह से भर गया, चारों तरफ से मोदी-मोदी के नारे लगने लगे. पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बनीज ने सिडनी सामुदायिक कार्यक्रम में द "लिटिल इंडिया" गेटवे की आधारशिला भी रखी.
इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बानीज बोले, आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन देखा था और उनका भी उस तरह से स्वागत नहीं मिला जैसा आज पीएम मोदी का हुआ है, पीएम मोदी बॉस हैं. जब मैं मार्च में भारत में था, तो यह अविस्मरणीय क्षणों से भरी एक यात्रा थी. गुजरात में होली मनाना, दिल्ली में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करना. मैं जहां भी गया, मुझे ऑस्ट्रेलिया और भारत के लोगों के बीच गहरा संबंध महसूस हुआ. यदि आप भारत को समझना चाहते हैं, तो ट्रेन और बस से यात्रा करें.
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तो वहीं, पीएम मोदी सिडनी के एरिना स्टेडियम में बोले, पिछली बार जब मैं यहां आया था तो मैंने आप सभी को एक वचन दिया था और वो वादा था कि आपको भारत के प्रधान मंत्री के लिए फिर से 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा! और देखो, मैं यहाँ हूँ! प्रधानमंत्री अल्बानीस भी मेरे साथ हैं. इसी वर्ष मुझे प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज जी का भारत की धरती पर अहमदाबाद में स्वागत करने का अवसर मिला था. आज उन्होंने यहां 'लिटिल इंडिया' के foundation stone को unveil करने में मेरा साथ दिया है. मैं उनका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं.
उन्होंने आगे कहा, एक समय था जब 3C भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों को परिभाषित करते थे, ये तीन थे कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और करी. उसके बाद यह 3D था, लोकतंत्र, डायस्पोरा और दोस्ती! जब यह 3E बना तो यह ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और शिक्षा के बारे में था. लेकिन सच्चाई यह है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों की वास्तविक गहराई इन सी, डी, ई से परे है. इस रिश्ते की सबसे मजबूत और सबसे बड़ी नींव वास्तव में आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है और इसके पीछे असली कारण भारतीय प्रवासी हैं.
पीएम मोदी बोले, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कितनी भी भौगोलिक दूरियां क्यों न हों, हिंद महासागर हमें जोड़ता है. दोनों देशों की जीवन शैली अलग-अलग क्यों न हो, योग हमें जोड़ता है. क्रिकेट एक ऐसी चीज है जिसने हमें युगों से जोड़े रखा है और अब टेनिस और सिनेमा अन्य जोड़ने वाले सेतु हैं. हमारी जीवन शैलियां भले अगल-अलग हों, लेकिन अब योगा भी हमें जोड़ता है. क्रिकेट से तो न जाने हम कबसे जुड़े हुए हैं, लेकिन अब टेनिस और फिल्में भी हमें जोड़ रही हैं.
उन्होंने आगे बताया कि आईएमएफ भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का ब्राइट स्पॉट मानता है. विश्व बैंक के अनुसार, यदि कोई देश है जो वैश्विक विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तो वह भारत है. भारत ने सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी रिकॉर्ड निर्यात किया है. भारत के पास सामर्थ्य की कमी नहीं है, भारत के पास संसाधनों की कमी भी नहीं है. आज दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे युवा टैलेंट फैक्ट्री, जिस देश में है, वो है इंडिया.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 9 सालों में भारत ने काफी तरक्की की है. हमने गरीब लोगों के लिए करीब 50 करोड़ बैंक खाते खोले हैं. इतना ही नहीं, दरअसल भारत में पब्लिक डिलीवरी का पूरा इको-सिस्टम ही बदल गया है. 2014 से 28 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए हैं. JAM ट्रिनिटी और DBT ने देश में क्रांति ला दी है. कोरोना पैंडेमिक में जिस देश ने दुनिया का सबसे तेज वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया. वो देश है इंडिया.
उन्होंने आगे कहा, आज जो देश दुनिया की Fastest growing largest economy है, वो देश है इंडिया. आज जो देश दुनिया में नंबर-1 स्मार्टफोन डेटा कंज्यूमर है, वो देश है इंडिया. भारत हज़ारों वर्षों की जीवंत सभ्यता है. भारत Mother of Democracy है. हमने समय के अनुसार खुद को ढाला है, लेकिन अपने मूल सिद्धांतों पर fundamentals पर हमेशा टिके रहे हैं.
पीएम मोदी बोले, हम राष्ट्र को भी एक परिवार के रूप में देखते हैं और विश्व को भी एक परिवार मानते हैं. जब भारत अपनी G-20 Presidency की थीम तय करता है, तो कहता है One Earth, One Family, One Future. जब भारत, पर्यावरण की रक्षा के लिए, solar energy के बड़े लक्ष्य तय करता है, तो कहता है One Sun, One World, One Grid. सोलर एलायंस जैसे संघों के लिए हो, डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए या बिग कैट एलायंस का नेतृत्व करने के लिए, भारत ने हमेशा विभिन्न राष्ट्रों को जोड़ने के लिए 'बाइंडिंग फोर्स' के रूप में काम किया है.
उन्होंने आगे कहा, 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' हमारे घरेलू शासन का आधार रहा है, और यह वैश्विक शासन के लिए भी दृष्टि बनाता है. आज भारत को Force of global good कहा जा रहा है. जहां कहीं भी कोई आपदा होती है, भारत मदद के लिए तैयार मिलता है. अभी हाल ही में जब तुर्किए में भूकंप ने तबाही मचाई, तब भारत ने ‘ऑपरेशन दोस्त’ के द्वारा मदद का हाथ बढ़ाया. आपके पास प्रतिभा, कौशल और सांस्कृतिक मूल्य हैं, ये मूल्य आस्ट्रेलियाई लोगों के साथ आपके बंधन को मजबूत करते हैं. पापुआ न्यू गिनी में 'थिरुकुराल' का अनुवादित संस्करण इस बात का उदाहरण है कि कैसे कोई विदेशी राष्ट्र में रहते हुए भी अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ा रहता है.