प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करने में कैसे मदद मिलेगी. इसका जिक्र करते हुए बताया कि 21वीं सदी का बदलता हुआ भारत टेक्नोलॉजी की ताकत से लगातार नागरिकों को सशक्त कर रहा है. बीते वर्षों में हमारी सरकार के हर बजट में टेक्नोलॉजी की मदद से देशवासियों की 'ईज ऑफ लिविंग' बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इस बार के बजट में भी टेक्नोलॉजी के साथ ह्यूमन टच को प्राथमिकता दी गई है.

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उन्होंने कहा कि जनधन खाते, आधार और मोबाइल इन तीनों के कारण करोड़ों गरीबों के खाते में सीधे पैसा भेजना संभव हुआ है. उसी प्रकार से टेक्नोलॉजी, आरोग्य सेतु और CoWIN एप का महत्वपूर्ण साधन बनी. इससे कोरोना के दौरान ट्रेसिंग और वैक्सीनेशन में बड़ी मदद मिली. इस साल के बजट में मानव स्पर्श पर ध्यान देने के साथ-साथ प्रौद्योगिकी पर और जोर दिया गया है. 

टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर हो रहा इंवेस्ट-

पीएम मोदी बोले, एक समय था जब समाज का एक बहुत बड़ा तबका सिर्फ पीड़ित था, मदद का इंतजार करना छोड़ दिया था, सरकार के दखल का इंतजार करना छोड़ दिया था, बीच-बीच में यह वास्तव में खेदजनक स्थिति थी. लेकिन अब हमारी सरकार के लगातार प्रयास उन पीड़ित लोगों को सशक्त बना रहे हैं. उनके रुख को मजबूत कर रहे हैं और उन्हें 'ईज ऑफ लिविंग' प्रदान कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि, टेक्नोलॉजी हर किसी तक सही और सटीक इंफॉर्मेशन पहुंचाकर सबको आगे बढ़ने का समान अवसर दे रही है. हमारी सरकार टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर इंवेस्ट कर रही है. आज नागरिकों के जीवन में दखल और सरकार का दबाव दोनों कम हो रहे हैं. लोग अब सरकार को बाधा नहीं, बल्कि नए अवसर प्रदान करने के लिए उत्प्रेरक मानते हैं.

टेक्नोलॉजी की मदद से समस्याओं का सर्वोत्तम समाधान-

बढ़ती टेक्नोलॉजी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी बोले, टेक्नोलॉजी की मदद से हम हर व्यक्ति के लिए DigiLocker की सुविधा लेकर आए हैं. यहां कंपनियां और MSMEs अपनी फाइलों को स्टोर कर सकते हैं, उसे विभिन्न रेग्युलेटर्स और सरकारी विभागों के साथ साझा कर सकते हैं. ऐसे सामाजिक मुद्दों को पहचानने की जरूरत है, जिनका समाधान एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से दिया जा सकता है. 

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के युवाओं को प्रौद्योगिकी का सर्वोत्तम संभव तरीके से उपयोग करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि हमारी समस्याओं का सर्वोत्तम समाधान किया जा सके. देश में हैकथॉन का आयोजन इस दिशा में उत्कृष्ट प्रयास रहा है. 'Zero Defect, Zero Effect' हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. हमारी क्वालिटी में कोई कंप्रोमाइज नहीं होना चाहिए और उसमें Technology बहुत मदद कर सकती है. हम Technology की मदद से प्रोडक्शन में बहुत फिनिश-वे में प्रोडक्ट लेकर आ सकते हैं और तभी ग्लोबल मार्केट हम कैप्चर कर सकते हैं. 

Technology से नागरिकों को करेंगे सशक्त-

पीएम मोदी ने बताया कि 21वीं सदी Technology driven सदी है. उसको हम जितना जल्दी फैलाएं, जितना जल्दी सरल बनाएं और जितना जल्दी जन सामान्य को सशक्त करने वाला बनाएं, उतना देश का और लोगों का कल्याण होने वाला है. साथ ही उन्होंने कहा कि सारा ज्ञान सिर्फ सरकार के पास है न हमारा विश्वास है और न ही दावा. 

इसलिए, मैं सभी हितधारकों से आग्रह करता हूं कि वे आएं और इस प्रौद्योगिकी संचालित 21वीं सदी में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें. जितनी जल्दी हम इस चरण को सरल करेंगे और नागरिकों को सशक्त करेंगे, उतना ही समाज का, राष्ट्र का कल्याण सुनिश्चित होगा.