PM Modi US Visit: अपने अमेरिका के राजकीय दौरे के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित क‍िया. वे भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, ज‍िन्होंने दूसरी बार अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के संयुक्त सत्र को संबोधित क‍िया. इस दौरान अपने संबोधन के ज़रिये पीएम मोदी ने कहा कि हमने जिस लंबी और चौड़ी सड़क पर यात्रा की है, उसमें हमने मित्रता की परीक्षा ली है. करीब 7 गर्मियों पहले जब मैं यहां आया था तब से बहुत कुछ बदल गया है. हालाँकि, बहुत कुछ वैसा ही बना हुआ है, जैसे भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती को गहरा करने की हमारी प्रतिबद्धता.

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उन्होंने आगे कहा, पिछले कुछ सालों में AI, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काफी प्रगति हुई है. साथ ही, अन्य एआई, अमेरिका और भारत में और भी अधिक महत्वपूर्ण विकास हुआ है. लोकतंत्र हमारे पवित्र और साझा मूल्यों में से एक है. यह लंबे समय में विकसित हुआ है और इसने प्रणाली के विभिन्न रूप ले लिए हैं. हालाँकि, पूरे इतिहास में एक बात स्पष्ट रही है कि लोकतंत्र वह भावना है जो समानता और सम्मान का समर्थन करती है.

आज दुनिया भारत के बारे में जानना चाहती है- PM

पीएम मोदी ने बताया कि पिछले साल भारत ने अपनी आजादी के 75 साल पूरे किये. प्रत्येक मील का पत्थर महत्वपूर्ण है, लेकिन यह विशेष था. हमने किसी न किसी रूप में 1000 वर्षों के विदेशी शासन के बाद अपनी 75 वर्षों की स्वतंत्रता की उल्लेखनीय यात्रा का जश्न मनाया. यह सिर्फ लोकतंत्र का ही नहीं, बल्कि विविधता का भी उत्सव था.

उन्होंने आगे कहा, हमारे पास 2500 से अधिक राजनीतिक दल हैं. लगभग 20 अलग-अलग दल भारत के विभिन्न राज्यों पर शासन करते हैं. हमारी 22 आधिकारिक भाषाएँ और हजारों बोलियाँ हैं, फिर भी हम एक स्वर में बोलते हैं. हर 100 मील पर हमारा भोजन बदल जाता है, डोसा से लेकर आलू पराठा तक. आज दुनिया भारत के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहती है. मैं इस घर में भी वह जिज्ञासा देखता हूं.

भारत जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा- PM

पीएम मोदी बोले, पिछले दशक में अमेरिकी कांग्रेस के लगभग 100 सदस्यों का स्वागत करके हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं. हर कोई भारत के विकास, लोकतंत्र और विविधता को समझना चाहता है. जब मैं प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार अमेरिका आया था, तब भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था. आज भारत 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. लेकिन भारत जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा. जब भारत बढ़ता है तो पूरी दुनिया बढ़ती है.

उन्होंने आगे कहा, हमारा दृष्टिकोण सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास है. इसका मतलब है, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास. आइए मैं आपके साथ साझा करता हूं कि कैसे यह दृष्टिकोण बड़े पैमाने और गति के साथ क्रियान्वित हो रहा है. आज आधुनिक भारत में महिलाएं हमें बेहतर भविष्य की ओर ले जा रही हैं. भारत का दृष्टिकोण सिर्फ ऐसे विकास का नहीं है जिससे महिलाओं को लाभ हो, यह महिला-नेतृत्व वाले विकास का है जहां महिलाएं प्रगति की यात्रा का नेतृत्व करती हैं.

भारत-अमेरिका संबंधों पर कहीं ये बड़ी बात-

पीएम मोदी ने बताया कि भारत में, प्रौद्योगिकी केवल नवाचार के बारे में नहीं है, यह समावेशन के बारे में है. आज, डिजिटल प्रदर्शन गोपनीयता की रक्षा करते हुए लोगों के अधिकारों और सम्मान को सशक्त बना रहा है. पिछले 9 वर्षों में, एक अरब से अधिक लोगों को उनके बैंक खातों और मोबाइल फोन से जुड़ी एक अद्वितीय डिजिटल बायोमेट्रिक पहचान मिली है.

उन्होंने आगे कहा, हमारे संबंध आप सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. जब भारत में रक्षा और एयरोस्पेस बढ़ता है, तो अमेरिका के कई राज्यों में उद्योग बढ़ते हैं. जब अमेरिकी कंपनियां बढ़ती हैं तो भारत में अनुसंधान और विकास केंद्र फलते-फूलते हैं. जब भारतीय अधिक उड़ान भरते हैं, तो विमान का एक ऑर्डर अमेरिका के 44 राज्यों में दस लाख से अधिक नौकरियां पैदा करता है. हमारे सहयोग का दायरा अनंत है, हमारे तालमेल की क्षमता असीमित है और हमारे संबंधों में रसायन शास्त्र सहज है.

कट्टरपंथ-आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर ख़तरा- PM 

पीएम मोदी बोले, मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है, यह युद्ध का युग नहीं है. लेकिन यह संवाद और कूटनीति में से एक है. हमें रक्तपात और मानवीय पीड़ा को रोकने के लिए वह सब करना चाहिए जो हम कर सकते हैं. 9/11 के दो दशक से भी अधिक समय और मुंबई में 26/11 के एक दशक से भी अधिक समय बाद भी कट्टरपंथ और आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर ख़तरा बना हुआ है. ये विचारधाराएं नए-नए रूप और पहचान लेती रहती हैं लेकिन उनके इरादे वही रहते हैं. आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और इससे निपटने में कोई किंतु-परंतु नहीं हो सकता.