Maharashtra Politics: एनसीपी (NCP) में बगावत के बाद से ही महाराष्ट्र की सियासत में कई हलचलें देखने को मिल रही हैं. अजित पवार शिंदे सरकार में शामिल हुए तो कयास लगने शुरू हो गए कि बीजेपी के लिए लोकसभा चुनाव का रास्ता साफ़ हो गया. लेकिन, इस फैसले से बीजेपी के ही कई नेता नाराज़ चल रहे हैं.

अब महाराष्ट्र की सियासत को लेकर दिल्ली में शरद पवार के बाद कांग्रेस ने भी आज 11 जुलाई को बैठक की. जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले, पार्टी के राज्य प्रभारी एच.के पाटिल, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, मुकुल वासनिक सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहें.

बैठक की तस्वीरों के साथ ट्वीट पोस्ट करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा, भाजपा ने अपनी ‘वॉशिंग मशीन’ का इस्तेमाल कर, महाराष्ट्र के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का काम किया है. कांग्रेस पार्टी इस राजनैतिक जालसाज़ी का बराबर जवाब देगी.

उन्होंने आगे लिखा, महाराष्ट्र की जनता भाजपा द्वारा किए जनादेश पर लगातार हमलों का कड़ा राजनैतिक उत्तर देगी. हमारे नेता और कार्यकर्ता, महाराष्ट्र की जनता को उनको अपनी सरकार वापस दिलाएंगे. हम महाराष्ट्र की जनता के मन में अपनी जगह हमेशा से बनाए हुए हैं. महाराष्ट्र और कांग्रेस के गौरवशाली रिश्ते को हम और मजबूत करेंगे.

वहीं, राहुल गांधी ने इस बैठक को लेकर कहा कि आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक हुई. महाराष्ट्र कांग्रेस पार्टी का गढ़ है और हमारा ध्यान वहां कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने और लोगों की आवाज उठाने पर केंद्रित है. हम मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस जनविरोधी सरकार की हार हो.

बैठक के बाद नेताओं से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक में चर्चा हुई. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, आने वाले चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होगी क्योंकि हमारी मौजदूगी बड़े पैमाने पर है. इसे आज लोगों ने भी मान लिया है.

बता दें कि शरद पवार से बगावत कर अजित पवार ने आठ अन्य विधायकों के साथ शिंदे सरकार में मंत्री पद की शपथ ले ली. अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया है. उन्होंने एनसीपी के नाम और चुनाव निशान घड़ी पर अपना दावा पेश किया. फ़िलहाल, मामला चुनाव आयोग पहुंच गया हैं.