Adipurush: देशभर में फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर दर्शकों में नाराजगी साफ़ दिखाई दे रहीं हैं. फिल्म कल रिलीज के बाद से ही विवादों में घिरी हुई हैं. सोशल मीडिया के ज़रिये दर्शक अपनी नाराजगी जाहिर कर रहें हैं. यहां तक कि कई हिंदू संगठनों ने भी फ़िल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. 

हिंदू सेना ने 'आदिपुरुष' के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर मांग की हैं कि फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणित न किया जाए. तो वहीं, अब इस फिल्म पर सियासत भी शुरू हो गई है. फिल्म रिलीज होने के अगले ही दिन यानी आज आम आदमी पार्टी (AAP) से राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर हमला बोला है.

 

आदिपुरुष पर शुरू हुई सियासत-

AAP नेता संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी ने भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान का अपमान एक फिल्म बनवाकर किया है. फिल्म ‘आदिपुरुष’ योगी आदित्यनाथ, खट्टर, देवेंद्र फडणवीस, पुष्कर धामी समेत बीजेपी के कई मुख्यमंत्री और मंत्री के आशीर्वाद से बनी है.

उन्होंने आगे कहा, बीजेपी और इन नेताओं को भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान का अपमान करने के लिए सभी हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए. मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का, हिंदू धर्म का अपमान किया है फिल्म आदिपुरुष ने और बीजेपी के नेता इसका प्रचार कर रहे हैं.

फिल्म के डायलॉग पर कहीं ये बड़ी बात-

संजय सिंह आगे बोले, इस फिल्म के डायलॉग सुनेंगे तो शर्म आएगी. बीजेपी लुच्चे-लफंगों की पार्टी है और धर्म में भी लफंगई दिखा रही है. नरेंद्र मोदी जी को, जेपी नड्डा जी को माफी मांगनी चाहिए. BJP वाले ना भगवान राम के हैं, ना आम के हैं, ना किसी काम के हैं. फिल्म के कुछ दृश्यों पर उन्होंने कहा, इस फिल्म में कल्पना के आधार पर माता सीता को 'छुरी' लगा दी गई. क्या कल्पना के आधार पर 'रामायण' भी बदल डालोगे? 

फिल्म के इस्तेमाल किये गए डायलॉग और भाषा पर संजय सिंह बोले, बीजेपी वाले हिन्दू धर्म को मानने वाले नहीं, विनाश करने वाले हैं. वे भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान का अपमान करने के लिए हिन्दू समाज से माफी मांगे. किस रामायण के अंदर घटिया, सस्ती, सड़क छाप भाषा का इस्तेमाल किया गया है? क्या कल्पना के आधार पर भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान जी के बारे में कुछ भी दिखा सकते हैं? 

उन्होंने आगे कहा, बीजेपी का ना हिन्दू धर्म में यक़ीन है, ना ये भगवान राम को मानते हैं, ना इनका रामायण और रामचरितमानस से कोई लेना-देना है. आम भाषा में तो कई लोग गाली गलौज का इस्तेमाल भी करते हैं. तो क्या गाली गलौज डाल दोगे? कल को कहोगे हम रामचरितमानस भी इसी भाषा में लिखेंगे. प्रभु श्री राम के नाम पर एक फिल्म बना रहे हैं, तो आम भाषा का इस्तेमाल करेंगे? पापी हैं ये भाजपा वाले!