मुद्दत बाद गोटेगांव के परमहंसी गंगा आश्रम में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल की मुलाकात चर्चा में आ गई है। पटेल ने उनसे बंद कमरे में बात की और आर्शीवाद भी लिया। केंद्रीय मंत्री के साथ उनके पिता मुलायम सिंह पटेल एवं अनुज जालम सिंह पटेल ने भी मां राजराजेश्वरी के दर्शन कर शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया। बाद में प्रहलाद पटेल ने शंकराचार्य के शिष्य सुबोद्धानंद से बात की। 

खास बात यह रही कि इस मौके पर मंत्री पटेल के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व गोटेगांव विधायक एनपी प्रजापति भी मौजूद थे। चुनावी माहौल में इस मुलाकात को लोग अलग नजर से देख रहे हैं। चर्चा तो यह भी है कि निकट भविष्य में जिले से कोई बड़ा कांग्रेस नेता भाजपा में जा सकता है।

गौरतलब है कि बीते तीस साल से प्रहलाद सिंह पटेल को शंकराचार्य का धुर विरोधी माना जाता रहा है। अचानक उनका कांग्रेस नेता के साथ आश्रम पहुँचना भी 'रहस्यमय' माना जा रहा है। बाद में मीडिया से बात करते हुए प्रहलाद पटेल ने बताया कि तीन दशक पहले ऐसा कोई वर्ष नहीं होता था जिसमें हम लोग यहां न आते हो और हम जब पढ़ते थे तो दर्शन करने और पिकनिक मनाने आते थे, लेकिन राजनीति करने लगे तो दिवाली की परमा के दिन हम लोग यहां दर्शन करने आते थे। 

अब 1992 के पश्चात 30 वर्ष के लंबे अरसे के बाद मै आज यहां अपने पिता एवं परिवार के साथ दर्शन को आया हूं। हम दोनों दीक्षित शिष्य हैं। प्रहलाद ने शंकराचार्य के शतायु होने की कामना भी की। चूंकि पटेल के साथ गोटेगांव विधायक नर्मदा प्रजापति भी साथ थे लिहाजा यह राजनीतिक रूप से काफी आश्चर्यजनक है।

दो कांग्रेस विधायक सम्पर्क में

नरसिंहपुर जिले के दो कांग्रेस के विधायक संजय शर्मा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति से प्रहलाद का लगाव भी नजर आता है। प्रहलाद के छोटे भाई जालम सिंह पटेल नरसिंहपुर के विधायक है उनकी विधानसभा क्षेत्र इन दो कांग्रेस के विधानसभा क्षेत्र से होते हुए निकलती है। चर्चा है कि आने वाले समय मे कांग्रेस विधायक भाजपा का दामन भी थाम सकते हैं।