ये खिलाड़ी हमारा मान हैं। ये कड़ी मेहनत और संघर्ष करके देश के लिए मेडल जीतती हैं। इनका शोषण, इनका अपमान.. देश की हर एक महिला का अपमान है। इनको न्याय मिले - पूरा देश ये चाहता है। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यह बात जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे रेसलर्स से मुलाकात के बाद कही। वे शनिवार सुबह जंतर मंतर पहुंचीं और रेसलर्स को समर्थन दिया। इस दौरान प्रियंका गांधी ने महिला पहलवानों से अलग से बात की। 

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि जब देश की बेटियां मेडल जीतकर आती हैं तो हम सभी गर्व करते हैं, लेकिन आज जब वही बेटियां न्याय के लिए सड़क पर बैठी हैं तो कोई सुनने को तैयार नहीं। ऐसे में जरूरी है कि आरोपी को पद से हटाया जाए ताकि वो पद का दुरुपयोग कर खिलाड़ियों पर दबाव न बनाए। साथ ही जो FIR दर्ज हुई है उसकी कॉपी दिखाई जाए।

जंतर-मंतर पर पहलवानों के धरने का शनिवार (29 अप्रैल) को सातवां दिन है।  इससे पहले शुक्रवार को देर रात बृजभूषण के खिलाफ दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR में दिल्ली पुलिस ने एक नाबालिग रेसलर से यौन शोषण के मामले में बृजभूषण पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, दूसरी FIR अन्य 6 महिला रेसलर्स के यौन शोषण के आरोप में दर्ज हुई है। 21 अप्रैल को एक नाबालिग समेत 7 महिला रेसलर्स ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत की थी। केस ना दर्ज होने पर रेसलर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने WFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कही थी।

इस बीच पहलवानों ने साफ कर दिया है कि उनका धरना अभी खत्म नहीं होगा।शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विनेश फोगाट ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। बृजभूषण सिंह को सभी पदों से हटाया जाना चाहिए, वे अपने पद का दुरुपयोग कर सकते हैं। हमें किसी समिति या समिति के सदस्य पर भरोसा नहीं है। यह लड़ाई केवल FIR की नहीं है। लड़ाई बृजभूषण सिंह को सजा दिलाने की है। बृजभूषण सिंह को जेल होनी चाहिए। 
 
ये खिलाड़ी हमारा मान हैं। ये कड़ी मेहनत और संघर्ष करके देश के लिए मेडल जीतती हैं। इनका शोषण, इनका अपमान.. देश की हर एक महिला का अपमान है। इनको न्याय मिले - पूरा देश ये चाहता है। जब देश की बेटियां मेडल जीतकर आती हैं तो हम सभी गर्व करते हैं, लेकिन आज जब वही बेटियां न्याय के लिए सड़क पर बैठी हैं तो कोई सुनने को तैयार नहीं। ऐसे में जरूरी है कि आरोपी को पद से हटाया जाए ताकि वो पद का दुरुपयोग कर खिलाड़ियों पर दबाव न बनाए। साथ ही जो FIR दर्ज हुई है उसकी कॉपी दिखाई जाए।