भोपाल,

दरअसल, इस बार 19 लाख 81 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया था, लेकिन पांच लाख 36 हजार ने ही उपार्जन केंद्रों पर उपज बेची है। किसानों को मंडियों में समर्थन मूल्य से अधिक कीमत मिली है, लेकिन धीरे धीरे अब यह कम हो रही है। लिहाजा 14 लाख से ज्यादा किसान को कोई नुकसान न हो, इसलिए सरकार ने 31 मई तक गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है। इसके लिए किसानों को स्लॉट बुकिंग करानी होगी। इसके बिना उपार्जन नहीं होगा| 10 मई को समर्थन मूल्य पर गेहूं की शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग में सोमवार को यह अवधि समाप्त हो रही थी। 

इस बार किसानों को मंडियों में समर्थन मूल्य पर अधिक कीमत मिली, इसलिए उपार्जन केंद्रों पर आवक भी कम रही। बताते हैं कि प्रदेश से बड़े पैमाने पर टन गेहूं की खरीदी के लक्ष्य के हिसाब पहली बार गेहूं निर्यात हुआ है लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी है। इसे देखते हुए ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को उपज बेचने के लिए एक अवसर और देने के निर्देश दिये है। जिन पंजीकृत किसानों ने समर्थन मूल्य

पर उपज नहीं बेची है वे चाहे तो स्लॉट बुकिंग करा सकते हैं। इसके लिए अब एसएमएस नहीं किए जाएंगे। विभाग लगभग नौ लाख किसानों को पूर्व में एसएमएस कर चुका है। स्लॉट बुकिंग के बिना उपज नहीं खरीदी जाएगी। ताजा निर्देशों में कलेक्टरों से कहा गया है कि वे उपार्जन केंद्रों में खरीदी को व्यवस्था का निरीक्षण करा कर यह सुनिश्चित कराएं कि पात्र किसान को उपज बेचने में कोई परेशान न हो।