भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा आखिरकार पहलवानों से मिलने जंतर-मंतर पहुंची। उन्होंने सात महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ न्याय की लड़ाई में हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

इससे पहले पीटी उषा ने पहलवानों के प्रदर्शन को अनुशासनहीनता बताया था। पीटी उषा ने बीते गुरुवार को भारतीय ओलंपिक संघ की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद कहा था कि पहलवानों का सड़कों पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है और इससे देश की छवि खराब हो रही है।

अपने इस बयान लेकर वह घिर गई थीं। खिलाड़ियों सहित राजनीतिक दलों के कई नेताओं ने उनके बयान की आलोचना की थी। इसके अलावा पीटी उषा ने भारतीय कुश्ती संघ को चलाने के लिए तीन सदस्यों का एक पैनल बनाने की बात कही थी।

हाल ही में साक्षी मलिक ने एक बयान जारी करके कहा था, कि हम पीटी उषा और मैरी कॉम जैसे लोगों से कहीं बेहतर हैं। अगर उनके जैसे पूर्व एथलीट हमारा साथ नहीं दे सकते तो यह शर्म की बात है। ऐसी विपत्तियाँ हमें शक्ति देती हैं। हम नहीं चाहते कि वे यहां हमारे साथ बैठें। हम बस यही चाहते हैं कि वे सच बोलें और हमारा समर्थन करें।