भोपाल: प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों द्वारा किसानों से उनकी उपज की खरीदी के बाद मंडी फीस चुकाकर उसे गंतव्य तक ले जाने का अनुज्ञा-पत्र अब ऑफलाईन नहीं होगा बल्कि ऑनलाईन जनरेट होगा। इसके लिये राज्य मंडी बोर्ड ने उपविधि 2000 में संशोधन किया है तथा सभी मंडी सचिवों से कहा है कि वे इस संशोधन को अपने यहां अनिवार्य रुप से स्थापित करें।
दरअसल पहले प्रावधान था कि मंडी शुल्क चुकाकर उपज को मंडी से बाहर ले जाने के लिये तीप प्रतियों में मेनुअली अनुज्ञा-पत्र दिये जाते थे। इनमें ये प्रतियां सफेद, हरा एवं गुलाबी रंग की होती थीं जिसमें सफेद मूल प्रति होती थी और हरी एवं गुलागी प्रति व्यापारी को दी जाती थी। हरी प्रति व्यापारी अपने पास सुरक्षित रखता था जबकि गुलागी प्रति वाहन के साथ गंतव्य तक ले जाने के लिये होती थी।
लेकिन अब प्रावधान कर दिया है कि मंडी फीस चुकाने के बाद मंडी समिति द्वारा इलेक्ट्रानिक रुप से जनरेट अनुज्ञा-पत्र दिया जायेगा। क्रेता व्यपारी को ई-अनुज्ञा-पत्र मिलने के बाद 14 दिन के अंदर इसकी ऑनलाईन ही पुष्टि करना होगी। इस ई अनुज्ञा-पत्र को संबंधित मंडियां यानि जहां से उपज क्रय की गई है और जहां ले जाई जा रही है, वहां की मंडियां इसे ऑनलाईन देख सकेंगी। यदि क्रेता व्यपारी द्वारा 14 दिन के अंदर इसकी पुष्टि नहीं की तो उसके खिलाफ मंडी एक्ट के तहत कार्यवाही की जायेगी। ई-अनुज्ञापत्र की एक हार्ड कॉपी कृषि उपज के परिवहन वाले वाहन में भी रखी जायेगी।