कांग्रेस नेता राहुल गांधी करीब चार साल पुराने 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ आज गुजरात के सूरत की सेशन्स कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी फ्लाइट से सूरत के लिए रवाना हो चुके हैं. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी आज सूरत पहुंच सकते है. इसके ज़रिये यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि कांग्रेस एकजुट है.  

राहुल पर बीजेपी का हमलावर-

फ़िलहाल, राहुल गांधी के सूरत पहुँचने से पहले ही बीजेपी ने हमला बोलना शुरू कर दिया हैं. बीजेपी की तरफ से संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हम कुछ प्रश्न राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहते हैं. राहुल जी, क्या यह सत्य नहीं है कि आपने OBC समाज को गाली दी और आज आप पूरे तामझाम के साथ सूरत जा रहे हैं. क्या ये आपके द्वारा न्यायपालिका पर दबाव डालने का प्रयास नहीं है?

संबित पात्रा आगे बोले, आज आप (राहुल गांधी) सूरत जा कर क्या OBC समाज के जख्मों पर नमक लगाने का काम नहीं कर रहे हैं? आपने कोर्ट को कहा कि मैं राहुल हूं, मैं माफी नहीं मांगूंगा. ये इतना अभिमान क्यों राहुल जी? दो R (Rahul और Responsibility) कभी साथ नहीं चल सकते.

राहुल गांधी को घेरते हुए संबित पात्रा ने कहा, राहुल ने ओबीसी समुदाय के लिए जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है, वह केवल सूरत में जाकर इस तरह के विरोध प्रदर्शन करके ओबीसी समुदाय के अपमान को बढ़ाने वाला हैं. 

उन्होंने आगे कहा कि राहुल जी, आपको OBC समाज से इतनी नफरत क्यों है? आपका भारतीय न्यायपालिका में विश्वास क्यों नहीं है? भारत के लोकतंत्र के लिए आपके भीतर इस प्रकार की घृणा क्यों है? इनके घमंड की सीमा देखिए कि ये अपने लिए देश में अलग क़ानून चाहते हैं.

संबित पात्रा बोले, पीवी नरसिम्हा राव पर कार्रवाई हो तो कोई दिक्कत नहीं लेकिन अगर बात राहुल गांधी पर आए तो कानून बदल दो. डीके शिवकुमार पर कार्रवाई हुई कभी राहुल और प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की लेकिन गांधी परिवार पर बात आते ही शहंशाह और शहजादे पर कार्रवाई कैसे?

उन्होंने आगे कहा, बीजेपी राहुल को साफ-साफ बताना चाहती है कि वह ओबीसी समुदाय को हल्के में नहीं ले सकते, आप न तो आपत्तिजनक टिप्पणी कर सकते हैं और न ही उन्हें अपशब्द कह सकते हैं. 

संबित पात्रा बोले, वह अपने इन दुर्भाग्यपूर्ण कार्यों के बाद न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा सकते. इस देश ने अब बदलाव को गले लगा लिया है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

ओबीसी समुदाय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, आज एक आदिवासी महिला माननीय राष्ट्रपति हैं. आज ओबीसी समुदाय का एक व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री के पद की शोभा बढ़ा रहा है. आज हमारे मंत्रिमंडल में ओबीसी समुदाय के कई गणमान्य व्यक्ति हैं. यह सब सरकार के 'सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के आदर्श वाक्य को प्रदर्शित करता है और इस प्रयास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.