निचली अदालत के फैसले को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सूरत की सेशंस कोर्ट में चुनौती दी. सोमवार यानी 3 अप्रैल को राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने जमानत दे दी है. अब 13 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी. यानी कोर्ट ने उनकी एक महीने की अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी करीब चार साल पुराने 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ आज सूरत की सेशन्स कोर्ट पहुंचे. इस दौरान प्रियंका गांधी समेत कई सीनियर नेता भी उनके साथ नज़र आई.
सूरत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की कोर्ट ने मोदी सरनेम को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई एक टिप्पणी के संबंध में दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में उन्हें 23 मार्च को दोषी करार देते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी.
सजा सुनाये जाने के तुरंत बाद ही राहुल गांधी को जमानत भी मिल गई थी. साथ ही ऊपरी अदालत में अपील दाखिल कर सकें इसके लिए कोर्ट द्वारा सजा के अमल पर 30 दिन के लिए रोक भी लगाई गई थी.
कोर्ट द्वारा सजा सुनाये जाने के बाद राहुल गांधी की मुश्किलें और बढ़ गई थी क्योंकि लोकसभा सचिवालय ने 24 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर राहुल को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था.
संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित होने के बाद अब राहुल गांधी अगले आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. बशर्ते कोई उच्च अदालत उनकी दोषसिद्धि और सजा पर रोक न लगा दे.
राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने उस टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है?