छत्तीसगढ़ के जांजगीर- चांपा जिले में 45 घंटे से बोरवेल में फंसा राहुल जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहा हे. 10 साल का बच्चा करीब 50 फीट गहरे गड‌्ढे में फंसा हुआ है। दीवारों से रिस रहा पानी बोरवेल के अंदर भर गया है। उसे निकालने का काम जारी है। बोरवेल में गिरा राहुल अब खुद बाल्टी से पानी भरने में मदद कर रहा है।

इस कोशिश ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे लोगों की उम्मीदें बना रखी हैं। उसे बचाने के लिए गुजरात से रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर पहुंच गए हैं। महेश ने अपने लैपटॉप से रोबोट को कंट्रोल कर नीचे उतारा। रोबोट से मिली जानकारी के हिसाब से अभियान में बदलाव किया जा रहा है। इसके साथ ही टनल खोदने का भी काम जारी है।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर जितेंद्र और राहुल के परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की। मुख्यमंत्री ने राहुल की दादी श्यामा बाई को भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनके बच्चे को सकुशल निकाल लिया जाएगा। CM ने कहा— 'तोर नाती ला निकाल लेबो'।

पिहरीद गांव का राहुल घर के पीछे खेलते समय शुक्रवार दोपहर को बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। तब से उसे बचाने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन, सेना और NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला रखा है। इसमें चट्‌टानों के चलते खुदाई पर असर पड़ा है। रविवार सुबह बच्चे में हलचल दिखाई दी है। इसके बाद उस तक खाने की सामग्री पहुंचाई गई है। उसे केला और जूस दिया गया है। आसपास के एरिया को लोहे की रॉड लगाकर सील कर दिया गया है।​​