भोपाल,
भोपाल रेल मंडल के रेलकर्मी मुकेश सिंह को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय रेल मंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया है। रेलकर्मी ने बीते वर्ष बारिश में 1200 यात्रियों की जान बचाई थी ये यात्री जिस ट्रेन में बैठे थे वह ट्रेन गुना से ग्वालियर के बीच बारिश में बह गए ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाली थी, जिसे रेलकर्मी ने साहस दिखाते हुए रुकवा दिया था। इस तरह यात्रियों की जान बच गई थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष में एक बार प्रतिष्ठित रेल मंत्री पुरस्कार दिया जाता है। इस बार यह पुरस्कार भुवनेश्वर में आयोजित समारोह में दिया गया है। मुकेश सिंह भोपाल रेल मंडल से एक मात्र रेलकर्मी हैं, जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। रेलकर्मी मुकेश सिंह माहोर भोपाल मंडल के वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) मोहना के अधीन ट्रैकमैन ग्रेड द्वितीय के पद पर कार्यरत हैं।
तो हो सकता था भिरंगी जैसा रेल हादसा
मुकेश सिंह व उनकी टीम बीते वर्ष उस रात को सजग नहीं होती थी भिरंगी जैसे रेल हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था। भिरंगी में कुछ वर्ष पूर्व जनता एक्सप्रेस क्षतिग्रस्त ट्रैक के ऊपर से गुजर गई थी, जिसके कारण उसकी कुछ बोगिया पानी में बह गई थी। यात्रियों की मौतें हुई थी। जबलपुर की ओर से जा रही एक अन्य यात्री ट्रेन का इंजन भी क्षतिग्रस्त हुआ था। मोहना में भी बिल्कुल यही स्थिति बन गई थी लेकिन गनीमत है कि उस दिन रेलकर्मी मुकेश सिंह व अन्य ने ट्रेन को पहले ही रुकवा लिया था।
मुकेश मूसलाधार बारिश में ढाई किमी दौड़ा था
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष बारिश में गुना से ग्वालियर रेल खंड के मध्य मूसलाधार बारिश हुई थी। इसमें पारा खेड़ा मोहाना रेलखंड में रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा बह गया था। तब मुकेश सिंह ही ड्यूटी कर रहे थे। उन्होंने ट्रैक को क्षतिग्रस्त देखा तो ट्रेन को रोकने की कोशिशें की। सभी अधिकारियों को फोन किए थे लेकिन बारिश में संचार व्यवस्था भी फेल हो चुकी थी। संपर्क नहीं हो पा रहा था। तब वह ग्वालियर की ओर से आ रही ग्वालियर-रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोकने के लिए क्षतिग्रस्त ट्रैक पर अंधेरे में दौड़े थे और आने वाली ट्रेन के सामने मूसलाधार बारिश में खड़े हो गए थे। उन्होंने जान की परवाह नहीं की थी और ट्रेन को रुकवा लिया था।