वंदे भारत ट्रेन को लेकर भारतीय रेल मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है. मालूम हो कि अब रेलवे स्लीपर कोच वाली अपनी हाई स्पीड ट्रेन "वंदे भारत" लाने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन इस साल दिसंबर तक शुरू हो जाएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात की जानकारी दी है. इसके साथ ही ‘वंदे भारत’ की तरह ‘वंदे मेट्रो’ को भी अगले एक साल में शुरू करने की योजना है.
वंदे भारत ट्रेनों में फिलहाल कुर्सियां (chairs) होती हैं, जिनमें यात्री आराम से बैठ सकते हैं. वंदे भारत 500 से 600 किमी की दूरी तय करता है. ऐसे में रेलवे ने स्लीपर कोच जोड़ने को लेकर सर्वे किया. इसके सकारात्मक परिणाम के बाद रेलवे अपने यात्रियों को लंबे रूटों पर अधिक सुविधाएं प्रदान करने जा रहा है.
यात्रियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
अहम बात यह है कि रेलवे 400 किमी या 5 घंटे से अधिक की यात्रा के लिए स्लीपर वंदे भारत शुरू करने की योजना बना रहा है. स्लीपर कोच लगने से यात्रियों को अपनी पसंदीदा ट्रेनों में अधिक सहूलियत मिलेगी और यात्री कम समय में अपने घर भी पहुंच सकेंगे. साथ ही इससे रेलवे का रेवेन्यू भी बढ़ेगा.
किस रूट पर चलेगी स्लीपर ट्रेन?
रेलवे शुरुआत में दिल्ली से कानपुर और वाराणसी से दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना पर विचार कर रहा है. इसको लेकर रेलवे की मॉनिटरिंग कमेटी भी रिपोर्ट तैयार कर रही है. रेलवे वंदे भारत के साथ शताब्दी ट्रेनों में भी कुर्सियां बदलने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए वह रूट तय किया जाएगा, जिस पर यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है.
इसके साथ ही रेलवे ने वंदे भारत की तरह वंदे मेट्रो की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में वंदे भारत 500 से 600 किमी की यात्रा को कवर करता है. दोनों शहरों को जोड़ते हुए करीब 100 किमी की दूरी तक वंदे मेट्रो चलाई जाएगी.
तो क्या 2026 में शुरू हो जाएगी बुलेट ट्रेन?
करीब 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन के बारे में एक निजी चैनल से बात करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 140 किमी के दायरे में पिलर बनाए गए हैं. देश की पहली बुलेट ट्रेन भी जुलाई-अगस्त 2026 में पहली बार चलने की उम्मीद है. रेल मंत्री ने आगे बताया कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और रोलिंग स्टॉक (ट्रेन) के लिए निविदाएं इस साल जारी की जाएगी. महाराष्ट्र के सभी 13 स्टेशन ट्रेनों के लिए लगभग तैयार हैं.