Rajasthan Congress Meeting: कांग्रेस आलाकमान अब राजस्थान में नेताओं की आपसी कलह को दूर करने में जुट गया है. यहां इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में कांग्रेस नेताओं की कलह को दूर कर संगठन को मजबूत करने में लगी हुई है.
इसके लिए आज राजस्थान को लेकर कांग्रेस की एक अहम बैठक हुई. जिसमें राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और सचिन पायलट समेत करीब 30 नेता शामिल हुए. हालांकि, इस बैठक में राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े. पैर में चोट के कारण सीएम जयपुर से ही इस बैठक में ऑनलाइन जुड़े थे.
इस बैठक के ज़रिये कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव पर मंथन भी किया. बैठक के बाद कांग्रेस ने राजस्थान में एक बार फिर सरकार बनाने का दावा किया. चुनावी मंथन के अलावा इस बैठक का मूल्य उद्देश्य सीएम गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच के जारी विवाद को सुलझाना भी हैं.
इस बैठक से जुड़ा हुआ मल्लिकार्जुन खड़गे का एक ट्विट भी सामने आया हैं. जिसमें उन्होंने लिखा, कांग्रेस ने राजस्थान में समावेशी विकास एवं जन-कल्याण की योजनाओं को घर घर पहुंचाया है. पार्टी एकजुट होकर आगामी चुनाव में जनता के बीच जाएगी. राजस्थान का हर वर्ग- किसान, खेत-मजदूर, युवा, महिलाएं व समाज का हर एक वर्ग कांग्रेस में अपनी आस्था व्यक्त कर रहा है. हम सब की आकांक्षाओं का ख्याल रखेंगे. राजस्थान का वर्तमान और भविष्य दोनों कांग्रेस के हाथों में सुरक्षित है. इस बार इतिहास बदलेगा.
सचिन पायलट ने रखी थी ये मांग-
सीएम गहलोत से पायलट की नाराजगी वाली ख़बरे किसी से छिपी नहीं है. राजस्थान की सियासत में ऐसे कई मौके आ चुके हैं, जब दोनों ही नेता एक-दूसरे के खिलाफ बगावती तेवर दिखाते नज़र आये. सचिन पायलट ने तो तीन मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा तक खोल दिया था.
जिसे 'जन संघर्ष यात्रा' का नाम दिया गया था. जिनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग का पुनर्गठन, सरकारी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित युवाओं को मुआवजा और पिछली वसुंधरा राजे सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की उच्च स्तरीय जांच शामिल थी.
इस बैठक से ठीक एक दिन पहले ही सीएम गहलोत ने साफ़ तौर पर कहा था कि राजस्थान सरकार भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामलों में सजा को 10 साल से बढ़ाकर आजीवन कारावास तक करने के लिए अगले विधानसभा सत्र में एक विधेयक लाएगी.
पहले आलाकमान ने कहीं थी ये बात-
इससे पहले भी राजस्थान में नेताओं के बीच जारी नाराजगी को लेकर आलाकमान की बैठक हो चुकी है. पिछले महीने ही कांग्रेस ने सीएम गहलोत और पायलट के साथ चली मैराथन बैठक के बाद कहा था कि दोनों नेता आगामी विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ने पर सहमत हैं और उनके बीच के मुद्दों का समाधान आलाकमान करेगा. लेकिन फिर भी नाराजगी का दौर जारी था. ऐसे में इस बैठक का कोई असर राजस्थान कांग्रेस पर पड़ता हैं या नहीं, ये तो समय ही तय करेगा.