भोपाल: राज्य शासन ने मार्च राजधानी परियोजना प्रशासन बंद करने के निर्णय के साथ ही राजधानी परियोजना वन मंडल को वन विभाग में संविलियन करने का निर्णय लिया था। 2 महीने बीत जाने के बाद भी राजधानी परियोजना वन मंडल की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। न तो वह पूरी तरह वन विभाग में संविलियन हो पाए और न ही उन्हें नगरीय प्रशासन विभाग से पृथक से कोई बजट आवंटित हुआ है। वेतन आज भी प्रशासक नगरीय प्रशासन की ओर से प्रदाय किया जा रहा है।
शासन के निर्णय के मुताबिक राजधानी परियोजना वन मंडल अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संविलियन वन विभाग में किए जाने थे, किंतु अभी तक वन विभाग के अधीन परियोजना बन मंडल के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी जोइनिंग वन विभाग को नहीं दी है। अधिकारी और कर्मचारी आज भी सीपीए के भवन में अपनी कुर्सियों पर बैठ रहें है। संविलियन के फैसले से सबसे बड़ी दिक्कत कर मजदूरों की हो रही है, जिनके भुगतान रोक दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने अभी तक राजधानी परियोजना वन मंडल को बजट के नाम पर केवल 80 लाख रुपए का भुगतान किया है। इसी मसले को लेकर भोपाल संभाग आयुक्त गुलशन बामरा ने भी मंगलवार को बैठक की थी किंतु अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
2 करोड़ 20 लाख की है दरकार
वैसे तो राजधानी परियोजना वन मंडल का बजट 15 करोड़ से अधिक है। किंतु पिछले वित्त वर्ष में संविलियन की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण बजट का आवंटन नहीं हो पाया। इसके कारण मजदूरों की मजदूरी से लेकर अन्य खर्चों को मिलाकर राजधानी परियोजना वन मंडल को ₹2करोड़ 20 लाख की दरकार अभी भी है। बुधवार को राजधानी परियोजना वन मंडल के अधिकारियों ने वित्त मंत्रालय के प्रमुख सचिव से मिले।
सीपीए को मिला 3 महीने का अभय दान
राजधानी परियोजना प्रशासन को 3 महीने का आवेदन मिल गया है। यानी सीपीए के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संविलियन पीडब्ल्यूडी में 3 महीने तक नहीं होगा। इसी प्रकार राजधानी परियोजना वन मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी भी 3 महीने तक सीपीए के अधीन काम करेंगे। दरअसल राजधानी परियोजना वन मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संविलियन को लेकर उहापोह की स्थिति है। यह तय नहीं हो पा रहा है कि उनका संविलियन सामाजिक वानिकी में किया जाए या फिर अतिरिक्त रूप से वन मंडल इकाई का गठन किया जाए।
वृक्ष अधिकारी ऑफ फॉरेस्ट अफसर होंगे
सीपीए के बंद करने के फैसले के साथ सवाल यह भी उठने लगा है कि शहरी क्षेत्रों में वृक्ष अधिकारी कौन होंगे। अभी तक वृक्ष अधिकारी नगर निगम के कमिश्नर द्वारा नियुक्त उद्यान अधिकारी हुआ करते थे। इस पद के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी दावेदारी जताई है। उनकी इस दावेदारी पर एसएसजीडी विनोद कुमार की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने विचार करने का आश्वासन भी दिया है।