भोपाल,

दरअसल यह मामला वन विभाग के करीब वर्ष 06 के बाद नियुक्त 7 हजार वनरक्षकों का है। बताया जाता है कि पहले भी मुख्य सचिव प्रमुख सचिव प्रधान मुख्य वन संरक्षक को इसके लिये ज्ञापन एवं आवेदन दिये जा चुके हैं..!

जानकारी के अनुसार वित्त विभाग के आदेश अनुसार वनरक्षकों को 5680 का वेतनमान एवं 1900 ग्रेड पे का लाभ मिलना था लेकिन यह अभी नहीं मिल रहा है जबकि समस्त विभागों में 2006 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को 5680 का वेतनमान एवं 1900 ग्रेड पे का लाभ दिया जा रहा है। केवल वन विभाग के वन रक्षकों को ही वित्त विभाग के आदेश का लाभ नहीं मिल रहा है जिन वनरक्षकों को वित्त विभाग के आदेश अनुसार 5680 का वेतनमान एवं 1900 ग्रेड पे का लाभ दे दिया गया था उनसे अब वन अधिकारी वसूली कर रहे हैं और किसी भी वनरक्षक को उक्त वेतनमान का लाभ नहीं दे रहे हैं।

 इधर मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि वित्त विभाग ने जब आदेश निकाला है कि 2006 के बाद नियुक्त तृतीय श्रेणी कर्मचारी को 5680 का वेतनमान एवं उन्नीस सौ ग्रेड पर तालाब दिया जाए तो वन विभाग के वन रक्षकों को भी उक्त आदेश अनुसार लाभ मिलना चाहिए। मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे का कहना है कि वन विभाग में 2006

के बाद नियुक्त 7000 वन रक्षकों को वित्त विभाग के आदेश अनुसार 5680 का वेतनमान एवं 1900 ग्रेड पे का लाभ वन अधिकारी नहीं दे रहे हैं जिन कर्मचारियों को मिल गया है उनसे वसूली की कार्यवाही वन अधिकारी कर रहे हैं। वित्त विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि 2006 के बाद तृतीय श्रेणी कर्मचारी को इस वेतनमान एवं ग्रेड पे का लाभ दिया जाए। चूंकि वनरक्षक भी तृतीय श्रेणी कर्मचारी संवर्ग में आता है उसे भी पूर्ण अधिकार है कि वित्त विभाग के आदेश अनुसार उसे उक्त वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए तथा वसूली नहीं होना चाहिए। यदि शासन और विभाग इसी तरह अड़ा रहा तो आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।