चार दिनों के बाद कोरोना का ग्राफ नीचे गिरा है पिछले 24 घंटे में 10 हजार से कम मामले सामने आए हैं।
पिछले कुछ दिनों से देश में बढ़ते कोरोना मामलों की संख्या ने लोगों को चिंता में डाल दिया था। लगातार चार दिनों से भारत में हर रोज कोरोना के 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को नए आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के 9111 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ एक्टिव मामलों की संख्या 60313 पहुंच गई है।
दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में इन राज्यों की सरकारें भी अलर्ट हो गई हैं। प्रशासन की ओर से सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। नए जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक एक्टिव केस 0.13 प्रतिशत, रिकवरी रेट 98.68 प्रतिशत और संक्रमण दर 8.40 प्रतिशत है. संक्रमण दर 4.94 प्रतिशत पहुंच गई है।
राज्य अनुसार कोविड मामलों की बात करें तो सबसे ज्यादा नए मामले दिल्ली से सामने आए हैं। दिल्ली में कुल 666 नए केस दर्ज किए गए हैं। वहीं हरियाणा में 404, केरल में 367 और उत्तर प्रदेश में 355 नए केस सामने आए हैं. कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े भी चिंताजनक है। पिछले 24 घंटों में कुल 27 लोगों ने जान गवांई है। इनमें सबसे ज्यादा मौतें गुजरात में हुई हैं। यहां कोरोना से छहलोगों की जान गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में चार, दिल्ली और राजस्थान में तीन-तीन, महाराष्ट्र में दो, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल और तमिलनाडु में एक-एक व्यक्ति की कोरोना के चलते मौत हुई है।
क्या बोले दिल्ली एम्स के पूर्व निदेशक?
दिल्ली एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोरोना मामलों में आते उछाल को लेकर कहा कि कोरोना मरीजों की संख्या जरूर बढ़ रही है लेकिन अधिकांश संक्रमण हल्के हैं और अस्पताल में भर्ती होने की दर भी नहीं बढ़ी है। अभी स्थिति डराने वाली नहीं है। गुलेरिया ने लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की बात कही है। उन्होंने लोगों से मास्क पहनने, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और शारीरिक दूरी बनाए नहीं रखने की सलाह दी है।