देश की सियासी सुर्ख़ियों में रही डीएलएफ लैंड डील में हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें हरियाणा सरकार ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के जरिए डीएलएफ को जमीन हस्तांतरण में नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है।
हरियाणा सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर एक हलफनामे में कहा है कि मैसर्स स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 18 सितंबर, 2019 को मेसर्स डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को 3.5 एकड़ जमीन बेची थी। इस लेनदेन में किसी भी तरह नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।
बीजेपी ने 2014 के चुनावों में रॉबर्ट वाड्रा की डीएलएफ जमीन के सौदे को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था और कांग्रेस के साथ गांधी परिवार को राजनीतिक रूप से टारगेट किया गया था।
हलफनामा मौजूदा और पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की प्रगति की निगरानी के लिए एक जनहित याचिका के संबंध में प्रस्तुत किया गया था। इसमें कहा गया है कि आगे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।