भोपाल: दंगाईयों एवं उपद्रवियों द्वारा सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर राज्य सरकार ने 3 जनवरी 2022 को पूरे प्रदेश में मप्र लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसानी की वसूली कानून लागू किया और 10 अप्रैल 2022 को खरगौन में हुये उपद्रव पर नुकसान की वसूली के लिये उक्त कानून के तहत दो सदस्यीय दावा अधिकरण भी 12 अप्रैल 2022 को गठित कर दिया। लेकिन इस कानून के अमलीकरण हेतु नियम गृह विभाग ने जारी किये। जबकि कानून बनने के बाद नियम बनाना होता है तथा उसके बाद दावा अधिकरण गठित करना होता है।
उल्लेखनीय है कि खरगौन के उपद्रव में नुकसान की वसूली हेतु रिटायर्ड जिला जज डॉ. शिवकुमार मिश्रा की अध्यक्षता में दावा अधिकरण बनाया हुआ है जिसमें रिटायर्ड सचिव प्रभात पाराशर सदस्य नियुक्त किये गये हैं। इस अधिकरण को नुकसानी का आंकलन कर मुआवजा राशि घोषित करने के लिये तीन माह का समय दिया गया है। यह अधिकरण कैसे काम करे, इसके लिये अब नियम जारी किये गये हैं।
जारी नियमों में स्पष्ट रुप से कहा गया है कि कार्यवाही के किसी भी चरण में किसी पक्षकार की मृत्यु की दशा में मुआवजे का दावा समाप्त नहीं होगा और उसकी सम्पत्ति से वसूली योग्य होगा। साथ ही दावा अधिकरण कारणों का हवाला देकर एक पक्षीय निर्णय भी दे सकेगा।
यदि आरोपी मुआवजा राशि का पूर्ण भुगतजान नहीं करता है तो अधिकरण इसकी जानकारी जिला कलेक्टर को भेजेंगे तथा कलेक्टर भू-राजस्व के बकाया के रुप में संबंधित से यह राशि वसूलेंगे। संपत्ति का नुकसान बाजार मूल्य पर निकाला जायेगा और उसके अनुसार हर्जाना तय किया जायेगा।