ग्वालियर. मध्यप्रदेश में ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल प्रारंभ हुए थे, लेकिन ये फिर बंद हो गए हैं। स्कूल बंद होने के बाद दोबारा ऑनलाइन क्लासेस लगेंगी जिसके संबंध में स्कूल संचालकों ने अभिभावकों को निर्देश जारी कर दिया है। दरअसल स्कूली बसों का चुनाव में अधिग्रहण कर लिए जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है. पंचायत चुनाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा बसों का अधिग्रहण किया गया है। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने 200 बसें अधिग्रहित की हैं जिनमें स्कूली बसें भी शामिल हैं। इस वजह से जहां कई स्कूलों की तो छुट्टी करनी पड़ रही है वहीं कुछ स्कूलों में स्टूडेंट को ऑनलाइन क्लास का विकल्प भी दिया गया है।

आरटीओ एसपीएस चौहान ने यात्री बस और स्कूल बस संचालकों को नोटिस जारी कर 22 जून तक ग्वालियर के पालीटेक्निक कालेज में बस भेजने के निर्देश दिए थे। इसके परिपालन में यात्री बसों के साथ ही सभी स्कूल बसें भी चुनाव कार्य के लिए भेज दी गईं। अब चुनाव से स्कूल बस लौटने के बाद ही स्कूल दोबारा शुरू हो सकेंगे। जिले में पंचायत चुनाव के लिए 25 जून को मतदान होना है। इन मतदान केंद्रों पर चुनाव सामग्री और चुनावी अमले को पहुंचाने के लिए वाहनों की जरूरत होती है। इसके लिए जिलेभर से अभी 200 बसों का अधिग्रहण किया गया है।

कुछ स्कूल संचालकों ने बसों की कमी बताते हुए स्कूल ही ही छुट्टी कर दी है जबकि कुछ संचालकों ने स्टूडेंट को आनलाइन क्लासेस का विकल्प दिया है. स्कूल बसों का अधिग्रहण होने से अनेक स्कूल पूरी तरह बंद हो गए हैं. ऐसे में कुछ स्कूलों ने स्टूडेंट और अभिभावकों को विकल्प भी दिए हैं। कुछ स्कूलों ने जहां बसों की कमी बताते हुए छुट्टी कर दी है वहीं कुछ संचालकों ने स्टूडेंट को आनलाइन क्लासेस का विकल्प दे दिया है। इसकी सूचना अभिभावकों को भी दी गई है। संचालकों का कहना है कि अब स्कूल भौतिक रूप से चुनाव से बसें लौटने के बाद ही खुल सकेंगे। आरटीओ एसपीएस चौहान बताते हैं कि बसों का अधिग्रहण चुनाव के लिए किया जा चुका है। स्कूल और यात्री बसें अब 26 जून को ही वापस लौट सकेंगी।