विदेश मंत्री एस जयशंकर ने SCO की बैठक की में आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति आंख मूंदना हमारे सुरक्षा हितों के लिए हानिकारक होगा। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी मौजूद थे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गोवा के बेनौलिम में ताज एक्सोटिका रिज़ॉर्ट में एससीओ बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। खास बात यह है कि विदेश मंत्री ने पाकिस्तान, चीन समेत SCO की बैठक में भाग लेने वाले देशों के सामने उन्होंने आतंकवाद को लेकर साफ शब्दों में कहा कि इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "आतंकवाद का खतरा कम होने का कोई संकेत नहीं दिखा रहा है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता है और इसे सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में रोका जाना चाहिए। आतंकवाद का मुकाबला करना एक है।" एससीओ। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद पर आंख मूंदने से हमारे सुरक्षा हितों को नुकसान होगा।

इस बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री किन गेंग और पाकिस्तान के बिलावल भुट्टो-जरदारी के अलावा अन्य देशों के विदेश मंत्री मौजूद थे। एस जयशंकर ने कहा कि SCO की पहली भारतीय अध्यक्षता के लिए आपकी मेजबानी करना खुशी की बात है। इसके अलावा, हमारी SCO अध्यक्षता के तहत, हमने 15 मंत्रिस्तरीय बैठकों सहित 100 से अधिक बैठकों और कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

गोवा में हुई SCO की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शामिल हुए। खास बात यह है कि ऐसा 12 साल बाद हुआ जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री भारत आए। यात्रा से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि उनका भारत दौरा पाकिस्तान के लिए SCO के महत्व को दर्शाता है।

उम्मीद है कि कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), म्यांमार और मालदीव के मंत्री सखी एस जयशंकर आज की बैठक में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियोर सैदोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

इसे लेकर जयशंकर ने ट्वीट भी किया है। एक ट्वीट में उन्होंने बख्तियार सैदोव की भारत यात्रा पर उनका स्वागत किया। भारत की ओर से उज्बेकिस्तान के मजबूत समर्थन की भी सराहना की गई। जयशंकर ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी बढ़ती रहेगी। वहीं, चीनी विदेश मंत्री किन गेंग के साथ जयशंकर ने भी सीमावर्ती इलाकों में शांति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।