Maharashtra NCP Crisis: मुंबई से शुरू हुई सियासी बगावत आज राजधानी दिल्ली में पोस्टर वार तक पहुंच गई. एनसीपी (NCP) चीफ शरद पवार ने आज दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक ली. इस बैठक में पीसी चाको, जितेंद्र आव्हाड, फौजिया खान और वंदना चव्हाण समेत 13 एनसीपी नेता मौजूद रहें.

शरद पवार ने बैठक में कहा कि मैं ही एनसीपी का अध्यक्ष हूं. किसी और के अध्यक्ष बनने की बात गलत है. वहीं, बैठक के बाद पीसी चाको ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय कमेटी तालकटोरा स्टेडियम में मिली थी. जिसने शरद पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर निर्वाचित किया. NCP की 27 इकाइयां हैं, इन सभी 27 राज्य इकाइयों ने पार्टी के साथ रहने की बात कही है. किसी भी इकाई ने यह नहीं कहा कि वह शरद पवार के साथ नहीं हैं. कार्यसमिति ने आज 8 प्रस्ताव पारित किये. समिति ने पार्टी अध्यक्ष शरद पवार पर पूरा भरोसा जताया है. साथ ही प्रफुल्ल पटेल के अलावा 9 विधायकों को हटाने के फैसले का समर्थन भी किया है.

शरद पवार ने कहा कि मुझे खुशी है कि जिन लोगों को निष्कासित किया, उनको छोड़कर बाकी सभी लोग इतने कम समय में बैठक के लिए आए. हमारे सभी साथियों की मानसिकता पार्टी को मजबूती से आगे ले जाने की रही हैं. मुझे खुशी है कि आज की बैठक हमारा हौसला बढ़ाने के लिए मददगार साबित होगी. मैं ही NCP का अध्यक्ष हूं, अगर कोई अध्यक्ष होने का दावा कर रहा है तो उसमें कोई सच्चाई नहीं है.

शरद पवार ने आगे कहा, ये जो कुछ भी हो रहा है. उससे मुझे खुशी है क्योंकि जिन्होंने लोगों को वादा कर उनके वोट हासिल करने के बाद गलत रास्ते पर गए, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. एक बार फिर राज्य की स्थिति बदलेगी, राष्ट्रवादी कांग्रेस, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली शिवसेना को महाराष्ट्र की जनता सत्ता सौंपेगी.

अजित पवार का बैठक पर पलटवार-

दिल्ली में शरद पवार के घर आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर अजित पवार ने पलटवार किया है. अजित पवार ने कहा कि पार्टी के विधायक और पदाधिकारियों ने उन्हें अध्यक्ष चुना है. ऐसे में शरद पवार को कार्यकारिणी की बैठक लेने का कोई अधिकार नहीं है. मामला चुनाव आयोग में लंबित है. इसलिए दिल्ली में आयोजित बैठक का कोई आधार नहीं है.

दिल्ली में पोस्टर वार-

शरद पवार के दिल्ली पहुँचने से पहले ही राजधानी में पोस्टर वार शुरू हो गया था. दिल्ली में एनसीपी दफ्तर के बाहर लगे पुराने पोस्टर हटा दिए गए हैं. इन पोस्टर पर शरद पवार के साथ अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल की तस्वीर लगी हुई थी. इसके साथ ही गद्दार लिखा हुआ नया पोस्टर भी जारी किया गया है. नए पोस्टर में लिखा हुआ है कि सच और झूठ की लड़ाई में पूरा देश शरद पवार साहेब के साथ है और भारत देश का इतिहास है कि इसने कभी धोखा देने वाले को माफ़ नहीं किया.

वहीं, दिल्ली में एनसीपी दफ्तर के बाहर एक और पोस्टर दिखाई दिया. इसके ऊपर बड़े अक्षरों में गद्दार लिखा हुआ है. बैकग्राउंड में बाहुबली पार्ट-1 फिल्म का कटप्पा का अमरेंद्र बाहुबली को पीछे चाकू मारने वाला सीन छपा हुआ है.

क्या है पूरा मामला-

कल मुंबई में हुई बैठक के बाद अजित पवार गुट ने चुनाव आयोग के सामने बड़ा दावा करते हुए शरद पवार की जगह अजित पवार को NCP का नया अध्यक्ष बनाने का दावा तक कर दिया. बताया गया है कि कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने 30 जून को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी. इसमें प्रस्ताव पास किया गया है कि पार्टी लोगों के कल्याण के उद्देश्य से दूर जा रही है. ऐसे में शरद पवार की जगह अजित पवार को अध्यक्ष चुना जाता है.

इसके लिए चुनाव आयोग में भी अजित पवार गुट ने अर्जी दायर की है. इसमें कहा गया है कि 30 जून को मुंबई में हुई कार्यकारिणी की बैठक में अजित पवार को NCP का अध्यक्ष चुना गया है. फ़िलहाल, NCP के नाम व निशान पर दावे को लेकर अजित और शरद पवार दोनों गुट चुनाव आयोग पहुंच गए हैं.

NCP के नाम व निशान पर सियासत-

सबसे पहले शरद पवार गुट ने अर्जी लगाई थी. इसमें कहा गया कि कोई भी NCP पर अपना आधिपत्य का दावा आयोग के सामने करें तो आयोग शरद पवार गुट को भी जरूर सुने. साथ ही आयोग को ये भी बताया गया है कि सत्ताधारी गठबंधन में मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले बागी विधायकों को NCP से बर्खास्त कर दिया गया है.

इसके बाद अजित पवार गुट ने चालीस से अधिक विधायकों के शपथ पत्र के साथ NCP पर अपना दावा ठोका था. अजित पवार गुट ने चालीस से ज्यादा विधायकों के हलफनामे के साथ पार्टी पर अपना दावा किया है. हालांकि, मुंबई में आयोजित उनकी मीटिंग में सिर्फ 31 विधायक और 4 एमएलसी पहुंचे थे. वहीं, शरद पवार गुट की मीटिंग में सिर्फ 13 विधायक और चार सांसद पहुंचे थे. NCP में कुल 53 विधायक हैं, ऐसे में 9 विधायक अब तक किसी गुट में शामिल नहीं हुए हैं.