केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयान को लेकर पलटवार करते हुए विदेशी साजिश किए जाने का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि कई देशों के खिलाफ दांव लगाने वाले जॉर्ज सोरोस ने अब भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अपने बुरे इरादे जाहिर कर दिए हैं.

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उन्होंने आगे कहा कि जॉर्ज सोरोस एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी नापाक योजनाओं को सफल बनाने के लिए उनकी जरूरतों के अनुकूल हो. उनके बयानों से यह स्पष्ट है कि उन्होंने विशेष रूप से पीएम मोदी जैसे नेताओं को लक्षित करने के लिए एक अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग की घोषणा की है.

स्मृति ईरानी ने बताया कि हम एक राष्ट्र-राज्य के रूप में 'दुनिया की फार्मेसी' बन गए हैं. हमने देखा है कि कैसे पीएम मोदी ने लगभग 800 मिलियन भारतीयों के लिए खाद्य सुरक्षा हासिल की है. हम एक राष्ट्र-राज्य के रूप में एक अमृत काल बजट के गवाह हैं, जिसमें रक्षा के लिए सबसे अधिक आवंटन है. हम एक राष्ट्र-राज्य के रूप में पीएम मोदी के साथ मिलकर हमारे देश के भविष्य की नींव रख रहे हैं जो न केवल हमारे सपनों को पूरा करेगा बल्कि एक लचीली और मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएगा.

उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि आज देश की जनता को एक नागरिक होने के नाते मैं यह आह्वान करना चाहती हूं कि एक विदेशी ताकत जिसके केंद्र में हैं एक व्यक्ति जिनका नाम जॉर्ज सोरोस है. उन्होंने ऐलान किया है कि वो हिंदुस्तान के लोकतांत्रिक ढांचे पर चोट करेंगे. उन्होंने ऐलान किया है कि वो प्रधानमंत्री मोदी को अपने वार का मुख्य बिंदु बनाएंगे. उन्होंने ऐलान किया है कि वो हिंदुस्तान में अपनी विदेशी ताकत के अंतर्गत एक ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जो हिंदुस्तान नहीं बल्कि उनके हितों का संरक्षण करेगी.

स्मृति ईरानी ने बताया कि जॉर्ज सोरोस का यह ऐलान कि वो हिंदुस्तान में मोदी को झुका देंगे. हिंदुस्तान की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी सरकार को ध्वस्त करेंगे. उसका मुंहतोड़ जवाब हर हिंदुस्तानी को देना चाहिए. आज जॉर्ज सोरोस को हम एकसुर में यह जवाब दें कि लोकतांत्रिक परिस्थितियों में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार और हमारे प्रधानमंत्री ऐसे गलत इरादों के सामने सिर नहीं झुकाएंगे. हमने विदेशी ताकतों को पहले भी हराया है, आगे भी हराएंगे.

उन्होंने आगे कहा कि आज, एक नागरिक के रूप में, मैं प्रत्येक व्यक्ति, संगठन और समाज से आह्वान करती हूं कि वे इस व्यक्ति की मंशा की निंदा करें जो अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए हमारे लोकतांत्रिक हितों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है.