कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में सोनिया गांधी ने राजनीति से सन्यास लेने का संकेत दिया है। इसी के साथ सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा भी ज़ोर पकड़ने लगी है कि सोनिया की विरासत यानी उत्तरप्रदेश की रायबरेली सीट पर कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा?
दरअसल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस का 85वां राष्ट्रीय महाधिवेशन चल रहा है। कांग्रेस पार्टी के 85वें पूर्ण अधिवेशन को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मेरी राजनीतिक पारी का अंतिम पड़ाव हो सकती है।
सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह के सक्षम नेतृत्व के साथ 2004 और 2009 में हमारी जीत ने मुझे व्यक्तिगत संतुष्टि दी लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मेरी पारी भारत जोड़ो यात्रा के साथ समाप्त हुई, जो कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
सोनिया के इस सम्बोधन के बाद से ही यह चर्चा चल पडी है कि अगर सोनिया गांधी राजनीति से सन्यास ले लेती हैं, तो कांग्रेस का गढ़ कही जानी वाली रायबरेली सीट से चुनाव में कौन उतरेगा। सोनिया की इस सीट पर राहुल गांधी चुनावी मैदान में उतरेंगे या फिर उत्तरप्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो चुकीं प्रियंका यहाँ से भाजपा को चुनौती देंगी।
अधिवेशन में सोनिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस और पूरे देश के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है। बीजेपी-आरएसएस ने देश की हर एक संस्था पर कब्जा कर लिया है और उसे बर्बाद कर दिया है। भाजपा ने कुछ व्यापारियों का पक्ष लेकर आर्थिक तबाही मचाई है।
इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी उस गौरवशाली विरासत की नुमाइंदगी कर रहे हैं, जिसे महात्मा गांधी जी, पंडित नेहरू जी, सुभाष चंद्र बोस जी, सरदार पटेल जी, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद जी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी, सरोजिनी नायडू जी, इंदिरा जी, राजीव जी ने अपने समर्पण से सींचा है।