भोपाल: मप्र विधानसभा के स्पीकर गिरीश गौतम ने राजधानी भोपाल में स्थित पुराने एमएलए रेस्ट हाऊस परिसर में नवीन एमएलए रेस्ट हाऊस का निर्माण कार्य शुरु न होने पर चिन्ता जाहिर करते हुये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्मरण पत्र लिखा है। पिछले दो साल से यह निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।

दरअसल नवीन एमएलए रेस्ट हाऊस का निर्माण कार्य अब तक इसलिये शुरु नहीं हो पाया है क्योंकि अभी तक मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति ने इसे हरि झण्डी नहीं दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संसदीय कार्य विभाग ने यह मामला नगरीय प्रशासन विभाग को भेज दिया है क्योंकि निर्माण की जवाबदारी उसी की है। अब नगरीय प्रशासन विभाग ही प्रस्ताव को मुख्य सचिव को भेजेंगे।

स्वेच्दानुदान निधि बढ़ाने का आग्रह:

स्पीकर गौतम ने सीएम से अपनी स्वेच्दानुदान राशि ढाई करोड़ रुपये से बढ़ाकर साढ़े सात करोड़ रुपये करने का भी आग्रह किया है। इसके पीछे उनका तर्क है कि विधायकों की निधि दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये की जा रही है जिसमें स्वेच्छानुदान राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है।

ऐसे में स्पीकर की स्वेच्दानुदान राशि भी बढ़ाई जाना चाहिये। संसदीय कार्य विभाग ने यह मामला वित्त विभाग के पास उसकी मंजूरी के लिये भेज दिया है। वित्त विभाग यदि अनुमति देता है तो अंतिम स्वीकृति के लिये मामला केबिनेट में जायेगा।

प्रोटोकाल बढ़ाने की अनुशंसा:

विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने पूर्व विधानसभा अध्यक्षों का प्रोटोकाल बढ़ाने की सिफारिश की है तथा पूर्व स्पीकर को भी पूर्व मुख्यमंत्री की तरह सरकारी सुविधायें देने के लिये कहा है। संसदीय कार्य विभाग ने यह मामला सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है, क्योंकि यह विषय जीएडी ही देखता है। स्पीकर गौतम ने सदस्य सुविधा समिति की उक्त सिफारिशों का क्रियान्वयन करने का भी आग्रह सीएम से किया है।

देवतालाब के लिये साडा बनाया जाये:

स्पीकर गौतम ने रीवा जिले में स्थित अपनी विधानसभा सीट देवतालाब के विकास के लिये विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानि साडा बनाने का भी आग्रह सीएम से किया है। उनकी पूर्व में की गई देवतालाब को तहसील की मांग पर राजस्व विभाग ने देवतालाब को तहसील बनाने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। अब साडा बनाने का मामला भी नगरीय प्रशासन विभाग के पास पहुंच गया है।