भोपाल. मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी खबर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन चुनावों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग ने राज्य में इस बार तीन चरणों में चुनाव कराने की घोषणा की है। पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने कलेक्टर से भी जानकारी मांगी है। सभी कलेक्टर से हर हाल में मांगी गई जानकारी 20 मई तक देने को कहा है।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही सुबह से ही राज्य निर्वाचन आयोग में गहमागहमी बढ़ गई थी। शीर्ष अदालत ने चुनाव के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं. इनके परिपालन के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों से विचार विमर्श और मंथन किया. बैठकों और बातचीत का दौर दिनभर चला और आखिरकार रात को आयोग ने कार्यक्रम की घोषणा कर दी. राज्य चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के अनुसार मध्यप्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव इस बार तीन चरणों में कराए जाएंगे. निर्वाचन आयोग ने इन चुनावों के लिए कलेक्टरों से अन्य सुझाव भी मांगे हैं. कलेक्टरों को पंचायत व नगरीय चुनाव के लिहाज से हर स्थिति में तैयारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव राज्य में तीन चरणों में कराने की घोषणा के साथ ही आयोग ने जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव एक ही दिन कराए जाने की भी बात राज्य सरकार से कही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर से भी जानकारी तलब की है। चुनाव कराने के लिए जरूरी तैयारियों की जानकारी कलेक्टर को हर हाल में 20 मई तक भेजने को कहा है।
इस बीच प्रदेश सरकार ने मेयर-अध्यक्ष को सीधे जनता द्वारा चुनने संबंधी अध्यादेश को बुधवार को राजभवन से वापस बुला लिया। अचानक अध्यादेश वापस बुला लेने से इस मामले में फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने ही नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने संबंधी अध्यादेश राज्यपाल की मंजूरी के लिए राजभवन भेजा था।