Adipurush Controversy: देशभर में फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर दर्शकों में नाराजगी साफ़ दिखाई दे रही हैं. फिल्म कल रिलीज होने के बाद से ही विवादों में घिरी हुई हैं. सोशल मीडिया के ज़रिये दर्शक अपनी नाराजगी जाहिर कर रहें हैं. यहां तक कि कई हिंदू संगठनों ने भी फ़िल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
हिंदू सेना ने 'आदिपुरुष' के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर मांग की हैं कि फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणित न किया जाए. तो वहीं, अब इस फिल्म पर सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने फिल्म के डायलॉग पर सवाल उठाते हुए ट्वीट के ज़रिये मनोज मुंतशिर पर निशाना साधा हैं.
उन्होंने कहा कि हमारे आराध्य भगवान श्रीराम मर्यादापुरुषोत्तम है और प्रभु श्री हनुमान सौम्यता और गम्भीरता का प्रतीक हैं. साल 1987 में जब श्री रामानन्द सागर ने रामायण धारावाहिक बनाया, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी ने कहा था कि ‘रामायण’ ने लाखों दर्शकों के मन-मस्तिष्क को प्रज्वलित कर दिया है. ‘रामायण’ ने विशेषतौर पर देश के युवाओं में भारत की महान संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों का संचार किया है.
सुप्रिया श्रीनेत ने आगे कहा, उस रामायण के लेखक रामानन्द सागर जी थे, जिन्होंने करोड़ों लोगों की आस्था को टपोरी भाषा से आहत नहीं किया अपितु सियाराम की एक मधुर, सौम्य और मनमोहक छवि समाज के मन-मस्तिष्क पर अंकित कर दी. धर्म और धर्म के कारोबार में यही अंतर है.
बिना नाम लिए मनोज मुंतशिर पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, अपनी चाटुकारिता के बल पर सस्ती लोकप्रियता तो मिल जाएगी, बड़े शो भी मिल जाते हैं, लेकिन हुनर ना होना आड़े ज़रूर आता है. जो हनुमान को ‘तेरे बाप की जली’ कहलवा दे, वो लेखक तो विद्रूप है ही, लेकिन हिंदू भी बड़ा भोंडे क़िस्म का है.
सुप्रिया श्रीनेत ने मनोज मुंतशिर पर निशाना साधते हुए इस ट्वीट के साथ दो तस्वीरें भी शेयर की हैं. जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, रामानंद सागर और रामायण के प्रमुख किरदार एक साथ दिखाई दे रहे हैं.