दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अध्यादेश लाने के केंद्र सरकार के फैसले पर निशाना साधा है. केजरीवाल ने पीएम मोदी का 10 साल पुराना ट्वीट शेयर करते हुए पूछा है कि वह अध्यादेश क्यों लाए? पीएम मोदी के केजरीवाल द्वारा शेयर किए गए ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'जब संसद में बैठक चल रही हो. संसद को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया और एक अच्छा विधेयक पारित क्यों नहीं किया गया? अध्यादेश क्यों लाया गया?

उपराज्यपाल को ट्रांसफर-पोस्टिंग का पॉवर

बता दें कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए अध्यादेश लेकर आई थी. इस अध्यादेश के जरिए केंद्र ने उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) को ट्रांसफर और पोस्टिंग के अधिकार दिए थे.

इस अध्यादेश के जरिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी सिविल सर्विस अथॉरिटी की स्थापना करेगी, जो दिल्ली में तबादला-पोस्टिंग और सतर्कता का काम करेगी. इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव और गृह सचिव समेत तीन सदस्य होंगे. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली यह कमेटी बहुमत के आधार पर अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन का फैसला करेगी. लेकिन अंतिम फैसला उपराज्यपाल का होगा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना?

दिल्ली सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार का अध्यादेश सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना ​​है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा था कि चुनी हुई सरकार सर्वोच्च होती है. चुनी हुई सरकार के पास सभी शक्तियां होती हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से डरकर केंद्र सरकार यह अध्यादेश लाई है. यह अध्यादेश केजरीवाल सरकार की ताकत कम करने के लिए लाया गया है.