भाेपाल। मध्यप्रदेश में गर्मी के तीखे तेवर कायम हैं। मंगलवार काे इसी क्रम में खजुराहाे, नौगांव एवं राजगढ़ में जबर्दस्त लू चली। प्रदेश के 18 शहराें में पारा 42 डिग्री सेल्सियश से अधिक रिकार्ड किया गया है। खजुराहाे में सबसे अधिक 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक प्रदेश में 10 जून से मानसून पूर्व की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी और तापमान गिरने का सिलसिला शुरू हाेने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हलचल भी बढ़ी है। 

प्रदेश में गर्मी के तेवर लगातार तीखे बने हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी ने बताया कि हवाओं के साथ नमी नहीं आ रही है. इसके कारण राजधानी सहित पूरे मप्र में एक सप्ताह से भीषण गर्मी पड़ रही है. दरअसल अरब सागर में 30 मई से मानसून स्थिर बना हुआ है। इस वजह से नम हवाएं नहीं चल रहीं जिससे मौसम शुष्क बना हुआ है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में मानसून कुछ आगे बढ़ रहा है। इधर मानसून पूर्व की गतिविधियां भी प्रदेश में शुरू नहीं हाे पा रहीं है। इससे पूरे राज्य में तापमान बढ़ रहा है। 

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षाेभ हिमाचल प्रदेश पर चक्रवात के रूप में बना हुआ है। मध्य उत्तर प्रदेश में हवा के ऊपरी भाग में एक अन्य चक्रवात बना हुआ है। इससे पूर्वी मप्र से हाेकर तेलंगाना तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसी से उत्तरी बांग्लादेश तक एक अन्य ट्रफ लाइन बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हलचल तेज हाे गई है। इस वजह से 10 जून से हवाओं के साथ नमी आने की संभावना है। इससे मप्र में मानसून पूर्व की गतिविधियां शुरू हाेने उम्मीद भी है.

आज कैसा रहेगा मौसम— सागर संभाग के जिलाें में बुधवार काे भी कहीं-कहीं लू चल सकती है। इधर पूर्वी मध्यप्रदेश में बादल छाने और बूंदाबांदी हाेने की संभावना है. इसके कारण दिन के तापमान में गिरावट हाे सकती है। इससे भीषण गर्मी से आंशिक रूप से राहत मिलने की भी संभावना है।