भोपाल: प्रधानमंत्री वन धन योजना में एनजीओ को जोडऩे का मामला खटाई में पड़ गया है। राज्य सरकार एनजीओ को जोडऩा चाहती थी लेकिन केंद्र की शर्तों के कारण यह नहीं हो पाया है।

दरअसल सतना जिले के चित्रकूट की एनजीओ दीनदयाल शोध संस्थान ने 21 वन धन केंद्र संचालित करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया था जिसे स्वीकृति भी दी गई परन्तु केंद्र की शर्तें इसमें आड़े आने के कारण यह नहीं हो पाया है। हालांकि राज्य के वन विभाग ने केंद्र को एनजीओ को भी शामिल करने का प्रस्ताव भेजा है। परन्तु केंद्र ने अभी तक इस पर कोई स्वीकृति नहीं दी है।

अभी यह है स्थिति :

प्रदेश में वर्तमान में 69 वन धन केंद्र संचालित हैं। ये लघु वनोपज संग्रहाकों द्वारा संग्रहित वनोपजों का प्रसंस्करण कर इन्हें बाजार में विक्रय करती हैं। वन विभाग के अंतर्गत आने वाला राज्य लघु वनोपज संघ अपनी प्राथमिक समितियों के माध्यम से इन वन धन केंद्रों को संचालित करता है।

हाल ही में छह जिलों में 19 और वन धन केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है तथा इसका प्रस्ताव वन विभाग ने केंद्र सरकार के भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ को भेज दिया है। इस योजना में केंद्र सरकार प्रत्येक वन धन केंद्र को 15 लाख रुपये वनोपजों की प्रासेेसिंग करने वाले उपकरण हेतु प्रदान करता है।