जब बैन है तो कैसे मोबाइल पर खेला जा रहा पब जी?

लखनऊ में एक नाबालिग द्वारा अपनी मां को मार देने की खबर से अब तक पूरा देश सकते में हैं। शुरुआती जांच में कहा जा रहा है कि नाबालिग ने हत्या इसलिए की क्योंकि उसकी मां उसे पबजी गेम खेलने से रोकती थी। हत्या को छिपाने के लिए उसने कई प्रयास किए लेकिन, शव से आने वाली बदबू की वजह से उसकी पोल खुल गई। अब फिरसे कई लोग पब जी गेम बैन करने की बात कह रहे हैं। 

सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस भी हो रही है। मगर सवाल उठता है कि जब भारत में यह गेम बैन है तो फिर ये देश में कैसे खेला जा रहा है? ज्ञात हो कि इसे 2020 में बैन कर दिया गया था। चीनी कनेक्शन की वजह से इस गेम पर बैन लगाया गया था। जिसके बाद कई यूजर्स वीपीएन की मदद से इसे भारत में खेलने लगे। गेम की लोकप्रियता को देखते हुए कंपनी ने इसके भारतीय अवतार BGMI को पिछले साल लॉन्च किया था। इसका क्रेज भी काफी ज्यादा है। 

संभवतः मीडिया रिपोर्ट्स में जिस गेम को पब जी बताया जा रहा है। वो BGMI हो सकता है इसे आसानी से गूगल प्ले स्टोर वा ऐपल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यानी भारत में पबजी की जगह क्या BGMI खेला जा रहा है? हालांकि कई गेमर्स ओरिजिनल पबजी खेलते हैं। इस वजह से वो वीपीएन की मदद से अपना सर्वर बदल कर कोरियन पबजी मोबाइल पर खेलते हैं क्योंकि इसमें दुनियाभर के प्लेयर्स से फाइट होती है।

हजारों कॉल किये थे बेबस पिता ने

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मां की गोली मारकर हत्या करने वाले 16 साल के बेटे के इरादों या किसी अनिष्ट का अहसास पिता को पहले ही था। उन्होंने घटना के पहले और बाद में पांच दिन में करीब हजार से ज्यादा कॉल किए। बमुश्किल 3 जून को एक बार बात हुई, लेकिन दोबारा कॉल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद से ही उन्हें एहसास हो रहा था कि अब पत्नी जिंदा नहीं है। उनकी ये आशंका उस वक्त यकीन में तब्दील हो गई जब खुद बेटे ने ही उन्हें कॉल करके कहा कि मां मर चुकी है।

बेटे तूने ये क्या किया

मां की गोली मारकर हत्या करने वाले नाबालिग से पीजीआई थाने में पिता का जब आमना सामना हुआ तब दुखी पिता के मुंह से सिर्फ यही निकला, बेटे तूने ये क्या किया... फिर उनकी आंखें भर आई, वहीं बेटे के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। कुछ देर बाद पिता से बोला- तुम भी तो ध्यान नहीं देते थे बेटे को मां की हत्या का कोई गम नहीं था। वहीं पुलिस ने दादी की तहरीर पर नाबालिग पर हत्या का केस दर्ज उसे बाल संरक्षण गृह मोहान रोड भेज दिया है। नाबालिग के पिता नवीन सिंह सेना में जेसीओ है। उनकी आसनसोल में पोस्टिंग है। यमुना पुरम कॉलोनी में उनकी पत्नी साधना, 17 साल का बेटा और नौ साल की बेटी रहती थी।