भोपाल: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने बीती रात मंडला जिले के गांव पातादई विकासखंड मोह गांव की ग्राम पंचायत बोडासिल्ली में नरबद वरकड़े आयु 62 वर्ष, सुकरती बाई आयु 56 वर्ष और उनकी 13 वर्षीय नातिन की बेरहमी से की गई हत्या को प्रदेश में जारी अराजकता और ध्वस्त कानून व्यवस्था का परिणाम बताया है।

गोविंद सिंह ने कहा कि इस जघन्य हत्या को जिन कातिलों ने धारदार हथियार से छत पर सो रहे व्यक्तियों की हत्या कर घटना को अंजाम दिया है वह अपराधियों के बुलंद हौसलों को स्पष्ट कर रहा है, जिन्हें खाकी वर्दी का खौफ नहीं है..! 

गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भी राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा है कि क्या वे इस बात की भी जांच करवाएंगे, जिसमें मृतकों के खेतों में पहले आग लगाई गई थी, जिसकी जानकारी पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस को दी थी, किंतु पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की, ऐसा क्यों हुआ? जिसकी दुःखद परिणीति इस हत्याकांड के रूप में हुई है।

गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से प्रतिप्रश्न किया है कि आखिरकार क्या कारण है कि प्रदेश के चारों और दंगे, तनाव, कर्फ्यू, पुलिस पर हमले और पुलिसकर्मियों की शहीदी तक के मामले सामने आ चुके हैं। निरंकुश सरकार और प्रशासन क्या कर रहा है?

उन्होंने कहा कि जब इन स्थितियों का पूर्वानुमान आमजन को पहले से ही है या हो रहा है, तब सरकार की गुप्तचर एजेंसी को क्या इसकी जानकारी नहीं है? यदि है तो किसके दबाव या सरंक्षण में इस तरह की घटनाओं की उत्पत्ति हो रही है या इंटेलिजेंस का फेलियर है? सरकार को गंभीर मुद्दों पर अपनी स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।

उन्होंने अपने बयान के अंत में यह भी कहा कि सरकार की निष्क्रियता और अकर्मण्यता के चलते प्रदेश के अमन पसंद नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे अमन के टापू के रूप में स्थापित पहचान वाले प्रदेश की गरिमा को अशांति, हत्या और कर्फ्यू के साये में तब्दील न होने दें।