भोपाल: राज्य सरकार अब विधायक निधि से व्यय की ऑनलाईन मानीटरिंग करेगी। इसके लिये इलेक्ट्रानिक विकास निगम के माध्यम से साफ्टवेयर तैयार हो रहे हैं। जो-जो साफ्टवेयर तैयार हो गये हैं, उन्हें योजना विभाग के पोर्टल पर इसका लिंक डाल कर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि विधायक निधि के अंतर्गत दो तरह के व्यय होते हैं। पहला निर्माण आदि कार्यों पर तथा दूसरा स्वेच्छानुदान देने पर। जनभागीदारी के लिये अलग से बजट दिया जाता है। अभी निर्माण कार्यों वाला साफ्टवेयर तैयार हो गया है तथा बाकी दो भी तैयार किये जा रहे हैं।
इस साफ्टवेयर में अभी जिला कार्यालयों के अधिकारियों को लॉगिन एवं पासवर्ड दिये गये हैं जिससे वे विधायक द्वारा अपनी निधि से स्वीकृत प्रस्तावों एवं उसकी स्वीकृति को पोर्टल पर डाल रहे हैं। आम लोग भी इसे देख सकते हैं। शीघ्र ही विधायकों को भी लॉगिन एवं पासवर्ड दिये जायेंगे जिससे वे भी अपने द्वारा स्वीकृति कार्यों की स्थिति ऑनलाईन देख सकेंगे।
अभी विधायक निधि नहीं बढ़ी :
वर्तमान वित्तीय वर्ष में विधायक निधि तीन करोड़ रुपये प्रति विधायक होगी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा के गत बजट सत्र में की थी। हांलाकि योजना विभाग अब तक इस तीन करोड़ रुपये निधि होने का आदेश जारी नहीं कर पाया है। पहले विधायक निधि दो करोड़ रुपये थी जिसमें स्वेच्छानुदान की राशि 15 लाख रुपये थी। लेकिन तीन करोड़ रुपये निधि होने पर स्वेच्छानुदान की राशि पचास लाख रुपये हो जायेगी।
योजना विभाग ने विधायक निधि तीन करोड़ रुपये करने की फाईल वित्त विभाग की स्वीकृति के लिये भेज दी है जहां से मंजूरी मिलने पर इसे केबिनेट में भेजा जायेगा। फिलहाल विधायक निधि दो करोड़ रुपये ही है तथा अगले वर्षाकालीन विधानसभा सत्र में पेश होने वाले पहले पूरक बजट में इसे तीन करोड़ रुपये किया जायेगा।