वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन आम बजट 2023-24 पेश कर रही हैं। यह आम चुनाव से पहले यह सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है। बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन कहा कि यह अमृत काल का पहला बजट है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है।  

निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री के तौर पर लगातार 5वीं बार केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने सदन में कहा कि यह पिछले बजट में खड़ी की गई नींव पर पड़ा है। हम ऐसा भारत चाहते हैं, जहां महिलाओं, किसानों, अनुसूचित जाति समेत सभी को जगह मिले।

ये बजट बताएगा कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्र सरकार कहां से कमाई करेगी और कहां खर्च करेगी। इसके अलावा सरकार की ओर से अलग-अलग सेक्टर्स के लिए क्या-क्या ऐलान किए जाएंगे, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी। 

कल संसद के दोनों सदनों में इकोनॉमिक सर्वे प्रस्तुत हुआ था। ये बजट कल के आर्थिक सर्वेक्षण  के बाद और अहम हो जाता है क्योंकि इसमें वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी  के 6 फीसदी से 6.8 फीसदी के बीच रहने का का अनुमान है। 

माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर मोदी सरकार का ये बजट लोकलुभावन हो सकता है। एक्सपर्ट्स भी कह रहे हैं कि सरकार टैक्स छूट से लेकर कृषि, रक्षा, एजूकेशन, हेल्थकेयर, इंडस्ट्री, रेलवे और लगभग सभी अहम क्षेत्रों के लिए राहत भरे एलान कर सकती है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण देना शुरू किया तो कांग्रेस सांसदों ने 'भारत जोड़ो' का नारा लगाया। हालांकि, थोड़ी देर बाद वो चुप हो गए। वित्त मंत्री ने कहा- अमृत काल का पहला बजट है। यह आजादी के 100 साल बाद भारत की परिकल्पना का बजट है। इस बजट में किसान, मध्य वर्ग, महिला से लेकर समाज के सभी वर्ग के विकास की रूपरेखा है।