भोपाल: राज्य सरकार ने प्रदेश के आदिवासी युवाओं को एक नई सौगात दी है। उन्हें बारहवीं के बाद कालेज, विवि एवं अन्य उच्च शिक्षा के लिये आवास सहायता प्रदान की जायेगी यानि वे किराये का आवास ले सकेंगे तथा पांच संभागीय मुख्यालयों यथा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन में 4 हजार रुपये, शेष जिला मुख्यालयों पर 2500 रुपये तथा विकासखण्ड मुख्यालयों पर 2 हजार रुपये प्रति माह प्रति विद्यार्थी दिया जायेगा।

यह नया प्रावधान राज्य के जनजातीय कार्य विभाग ने किया है तथा इसके लिये आवास सहायता योजना नियम जारी किये हैं। यह योजना उन आदिवासी विद्यार्थियों के लिये है जिन्हें शिक्षण संस्थान के छात्रावास में किसी कारणवश प्रवेश नहीं मिल पाता है। योजना के तहत आदिवासी बालक-बालिका शिक्षण संस्थान से 12 किमी के अंदर आवास ले सकेंगे।

अनुत्तीर्ण विद्यार्थी, परीक्षा परिणाम स्थगित होने या अन्य किसी कारण जिससे विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रमोट नहीं हुआ है तो वह योजना का लाभ लेने के लिये अपात्र  होगा। साथ ही एक माता-पिता की सभी संतानों को पृथक-पृथक हितग्राही माना जायेगा। इस योजना का लाभ लेने के लिये एमपीटास पोर्टल पर आवेदन किया जा सकेगा।