भारतीय रेल मंत्रालय में अब VVIP कल्चर नहीं दिखेगा. मालूम हो कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी के दृष्टिकोण के तहत विभिन्न स्तरों पर VVIP कल्चर को खत्म करने का फैसला किया है. रेल मंत्री ने अपने कर्मचारियों से कार्यालय से अटेंडेंट को बुलाने वाली घंटी को हटाने के लिए कहा है.

रेल मंत्री का कहना है कि अटेंडेंट को बुलाने के लिए घंटी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, बल्कि अधिकारियों को खुद जाकर अटेंडेंट को व्यक्तिगत रूप से बुलाना चाहिए. 

ख़बरों के मुताबिक, रेल मंत्री ने आदेश का सही तरीके से पालन कराने के लिए सबसे पहले अपने ऑफिस से घंटी हटाई है. सूत्रों की मानें तो अब स्टाफ मेंबर को बाहर जाकर अटेंडेंट को खुद ही बुलाना होगा.

सभी को बराबर सम्मान देने की कवायद-

रेल मंत्री के कार्यालय की ओर से कहा गया कि यह निर्णय इस बात को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि प्रत्येक सदस्य को बराबर सम्मान मिले. साथ ही VVIP कल्चर को खत्म करने के लिए भी यह फैसला लिया गया है. इसके साथ ही रेल मंत्री यह भी चाहते हैं कि हर कर्मचारी अपनी पूरी क्षमता से रेलवे को पूरी रफ्तार से चलाएं. यह तभी संभव है जब VVIP कल्चर पूरी तरह से खत्म होगा.

गौरतलब हो कि रेल मंत्री इससे पहले भी कार्यालय की कार्य संस्कृति में बदलाव और अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद के लिए ऐसे कई फैसले ले चुके हैं. रेल मंत्री के इस फैसले के बाद अब अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद की उम्मीद है.