भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने दस बड़े बांधों में स्काडा (सुपरवाईजरी कण्ट्रोल एण्ड डाटा एक्युजीशन) प्रणाली निर्धारित समयावधि में स्थापित न करने पर दो कंपनियों को विभाग की छबि धूमिल होने का कारण बता कर ब्लेक लिस्ट करने की चेतावनी दी है। स्काडा की स्थापना वर्षाकाल में व्यापक है तथा बाढ़ नियंत्रण में उपयोगी है।

दरअसल महाराष्ट्र राज्य के पूना स्थित मेसर्स चेतस कण्ट्रोल सिस्टम प्रालि को प्रदेश के सात बड़े बांधों जिनमें गांधी सागर, अटल सागर, बारना, बरगी, तवा, बाणसागर एवं संजय सरोवर में स्काडा की स्थापना एवं प्रचलन कार्य का ठेका 6 जनवरी 2021 को दिया गया था।

अनुबंध अनुसार, 5 जनवरी 2022 तक यह कंपनी अपना कार्य पूर्ण नहीं कर पाई। कंपनी ने 30 जून 2022 तक गांधी सागर, अटल सागर, बाण सागर तथा बारना का तथा 15 जुलाई 2022 तक बरगी, तवा एवं संजय सरोवर का कार्य मय गेट आपरेशन एवं डाटा प्रदाय सहित पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया है।

इसी प्रकार, बैंग्लोर की मेसर्स योकोगवा इण्डिया लिमिटेड को माही बांध, पेंच बांध एवं राजीव सागर बांध में स्काडा की स्थापना का कार्य 12 फरवरी 2021 को दिया गया।

अनुबंध की अवधि 11 फरवरी 2022 तक कंपनी अपना कार्य नहीं कर पाई। अब इस कंपनी ने 25 जून 2022 तक संजय सागर, 28 जून 2022 तक पेंच बांध एवं 30 जून 2022 तक पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया है।

जल संसाधन विभाग ने उक्त दोनों कंपनियों को चेतावनी जारी की है कि यदि अब भी इस नई समयावधि में उन्होंने कार्य पूर्ण नहीं किया तो उनका अनुबंध समाप्त कर उन्हें ब्लेक लिस्ट कर दिया जायेगा।