भोपाल. वन मंत्री विजय शाह ने कहा कि राज्य के हर वनमंडल में 10 हेक्टेयर में आदर्श जंगल तैयार करें. इसमें मिश्रित प्लांटेशन किया जाए. शाह ने आईआईटियन डीएफओ से कहा है कि वे रूटीन से अलग हटकर इनोवेटिव आइडिया पर काम करें. इससे उनकी छवि भी निकलेगी और फॉरेस्ट महकमे का नाम भी रोशन होगा.

वन मंत्री शाह ने प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल और वन बल प्रमुख आरके गुप्ता की गैरमौजूदगी में वीडियो कांफ्रेंसिंग की. वीडियो कांफ्रेंसिंग शुरुआत आंधी तूफान में गिरी-पड़ी लकड़ियों के उठाए जाने के मुद्दे से की. उन्होंने कहा कि जंगलों में गिरी पड़ी लकड़ियों को उठाने के नियम जटिल है, इसे सरल बनाया जाए.

हालांकि  पीसीसीएफ (विकास) चितरंजन त्यागी और पीसीसीएफ (उत्पादन) असीम श्रीवास्तव प्रचलित नियम को समझाने की कोशिश की किंतु वन मंत्री उनके तर्क से सहमत नहीं थे. उन्होंने कहा कि नए और सरल नियम बनाएं. शाह ने नए नियम बनाने का दायित्व भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास चितरंजन त्यागी को सौंपा दिया है. इसके अलावा शाह ने कहा कि हर डिवीजन में 10 हेक्टेयर में मिश्रित जंगल तैयार किया जाए. इसे आदर्श प्लांटेशन के रूप में विकसित किया जाए.

बुरहानपुर डीएफओ की झांकी निकल गई-

वन मंत्री विजय शाह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि आईआईटियन डीएफओ अपने दिमाग का इस्तेमाल कर कुछ नया प्रयोग करें. यह सुनते ही बुरहानपुर डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने जुगाड़ कर बनाए गए ब्लोअर का प्रेजेंटेशन दिखाया. मिश्रा का प्रेजेंटेशन देखने के बाद शाह ने कहा कि इसमें काफी खामियां हैं उसे सुधार करें. यानी बुरहानपुर डीएफओ को वाह-वाही मिलने के बजाय की झांकी निकल गई.

रेंजरों पर कसावट लाने के निर्देश-

वन मंत्री विजय शाह ने रेंजरों की नकेल कसने के लिए कहा कि हुए सप्ताह में 2 दिन अपने मुख्यालय में बैठे. बैठने के समय निर्धारित करें और उसका प्रचार प्रसार भी करें. वे जनता की समस्याएं सुनने और उसका निराकरण भी करें. रेंजर रो से यह भी कहा है कि वह जहां जाए वहां की डिटेल रिपोर्ट के साथ साथ फोटो भी अपनी डायरी के साथ प्रस्तुत करें. वनरक्षक को 2 दिन पंचायत भवन में बैठने के भी निर्देश दिए हैं.

बीएसएनएल की गढ़ी नई परिभाषा-

वनमंत्री शाह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बीएसएनएल कंपनी की नई परिभाषा गढ़ दी. महकमे के अधिकारियों को बताया कि बीएसएनएल मतलब अंदर नहीं लगता और बाहर भी नहीं लगता. यह सुनते ही अक्सर मुस्कुराए पर खुलकर हंस नहीं सके. शाह यहीं नहीं रुके, उन्होंने यहां तक कह दिया कि इसे निकाल फेंको और जियो नेटवर्क कंपनी का इस्तेमाल करो.

इस वर्ष  तेन्दुपत्ता से मिलेंगे 11 सौ करोड़-

लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक पुष्कर सिंह ने मंत्री को अवगत कराया कि पिछले वर्ष की तुलना में ईश्वर तेंदूपत्ता का उत्पादन अधिक हुआ है. पिछले वर्ष 16 लाख 29 हजार तेंदूपत्ता का कलेक्शन हुआ था. इस बार 16 लाख 80 हजार के करीब तेंदूपत्ता संग्रहित किया गया. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 850 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था. इस बार 11 सौ करोड़  मिलेगा. सीएम हेल्पलाइन में सबसे अधिक शिकायत मुरैना में लंबित होने के कारण डीएफओ की क्लास भी ली गई.