महाराष्ट्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। रविवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद आज अजित पवार के गुट ने शरद पवार को एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा दिया है। शरद पवार को एनसीपी के अध्यक्ष पद से हटाने के बाद अजित पवार खुद पार्टी के अध्यक्ष बन गए हैं।
इतना ही नहीं अजीत पवार ने शरद पवार पर रिटायरमेंट की उम्र को लेकर भी तंज कसा है, अजीत पवार का कहना है, कि 'सरकारी सेवाओं में रिटायरमेंट की उम्र 60 है, आप तो 83 के हो चुके हैं।'
एनसीपी की दौड़ में अजित पवार ने चाचा शरद को पछाड़कर पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा ठोंक दिया है। सूत्रों के हवाले से ये पता चला है, कि चुनाव आयोग ने इस विवाद को लेकर मामला दर्ज किया है, क्योंकि अजीत पवार ने अपने समर्थन में 40 से अधिक विधायकों और सांसदों के समर्थन का दावा किया है। महाराष्ट्र में एनसीपी के 53 विधायक हैं।
सूत्रों की मानें तो चुनाव आयोग अब 1999 में 83 वर्षीय शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी के भीतर गुटीय विवाद पर फैसला देने के लिए तैयार है। चुनाव आयोग के अनुसार अजित पवार की याचिका का जवाब देने के लिए शरद पवार को नोटिस जारी करने की भी उम्मीद है।
NCP में आंतरिक विभाजन रविवार को तब सामने आया जब अजित पवार, नौ अन्य विधायकों के साथ, महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे। इधर शरद पवार ने भी गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से उन नौ विधायकों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है जो शिवसेना शिंदे गुट-भाजपा सरकार में शामिल हुए हैं।