भोपाल: राज्य के वन विभाग ने वाणिज्यिक कर विभाग से महुआ से हैरीटेज मदिरा बनाने का लायसेंस मांगा है। इस संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग को भेजे प्रस्ताव में वन विभाग ने कहा है कि उसके अधीन कार्यरत लघु वनोपज संघ की प्राथमिक सहकारी लघु वनोपज संघ समितियों को भी महुआ से हैरीटेज मदिरा बनाने की अनुमति दी जाये।
वन विभाग को भेजा जवाब :
वाणिज्यिक कर विभाग ने वन विभाग को भेजे जवाब में कहा है कि हैरीटेज मदिरा के नियमों में स्वसहायता समूहों को ही हैरीटेज मदिरा के निर्माण की अनुमति है। यदि इन नियमों के सुसंगत प्रावधानों का पालन किया जाये तो लघु वनोपज संघ की प्राथमिक सहकारी समितियों को भी हैरीटेज मदिरा के निर्माण की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिये वन विभाग को पहले सभी सुसंगत प्रावधानों का पालन करते हुये प्रस्ताव भेजना होगा जिसका वाणिज्यिक कर विभाग परीक्षण करने के बाद निर्णय लेगा।