मप्र में मानसून की तेज रफ्तार और आगामी दिनों में कई जिलों में मूसलधार बारिश की चेतावनियों के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आधी रात को सभी जिला कलेक्टर व संभाग आयुक्तों को हिदायत दी कि बांधों व नदियों के जलस्तर की सतत निगरानी करें। नदियों एवं नालों के पानी पर नजर रखें तथा मौसम विभाग से समन्वय स्थापित कर मौसम के आकलन रिपोर्ट के आधार पर तत्परता से निर्णय लें।
कलेक्टरों को कहा गया है। कि यदि बाढ़ आपदा की स्थिति बनती है तो अभी से उसके बचाव की कार्ययोजना तैयार रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में सड़कों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दें जहां सड़कों की मरम्मत की जरूरत है वहां की सड़कों का मरम्मत भी कराए। हाल में विदिशा, सागर, रायसेन, खंडवा आदि जिलों में बाढ़ के हालात बन चुके हैं, सूत्रों के मुतबिक मुख्यमंत्री ने अफसरों को कहा कि हर हाल में जानमाल के नुकसान को रोकने के कदम उठायें।
बताया जाता है कि यह बैठक राज्य में जारी विकास पर्व के अंतर्गत अभी तक हुए गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जिलेवार समीक्षा के लिये बुलाई गई थी। इसमें मौसमी आपदा पर मुख्यमंत्री ने विशेष फोकस किया। वहीं मूंग खरीदी कार्य की समीक्षा में किसानों को कोई दिक्कत ना होने देने के निर्देश दिये। अफसरों से कहा कि इस काम को गंभीरता से लें। इसमें गतिरोध न हो यह सुनिश्चित करें। खनिज मद के कार्य समय पर प्रारंभ करने के लिये भी कहा गया है। उन्होंने लाडली बहना सेना के गठन की भी समीक्षा की।