भोपाल: राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के देवरी में एक इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया जायेगा जिसमें घडिय़ालों के अण्डे एवँ हेचरी में उनके बड़े होने तत्पश्चात नदी में छोड़े जाने का विवरण दर्शित होगा। यह निर्माण वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा के अंतर्गत गठित एमपी टाइगर फाउण्डेशन सोसायटी के द्वारा अपनी धनराशि से वहन किया जायेगा।
यह कार्य भी होंगे :
चम्बल अभयारण्य मुरैना वनमंडल के अंतर्गत आता है तथा अब यहां टाइगर फाउण्डेशन से अन्य कई कार्य भी स्वीकृत किये गये हैं। मसलन, शासकय वाहनों की मरम्मत पर 11 लाख 90 हजार रुपये, देवरी एवं गश्ती हेतु 48 लाख रुपये के शासकीय वाहन की खरीदी, चंबल अभयारण्य मुरैना क्षेत्र की निगरानी हेतु नवीन ड्रोन का क्रय 8 लाख 50 हजार रुपये में, चंबल अभयारण्य में जलीय जीवों का एवं वन्यजीवों का वार्षिक सर्वे गणना 33 लाख 20 हजार रुपये में, ईको सेंटर देवरी केंद्र पर पूल सफाई आदि 25 लाख 50 हजार रुपये में तथा चंबल अभयारण्य में राजसात वाहनों का डेटा बेस तैयार करने हेतु 3 लाख 54 हजार रुपये भी व्यय किये जायेंगे।