मणिपुर में कुकी समुदाय की दो महिलाओं के साथ मणिपुर में ही यौन हिंसा को लेकर देशभर के लोगों में काफी गुस्सा है। देशभर से नेता, अभिनेता और अन्य लोग इस हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं।

अब मध्यप्रदेश की पूर्व CM उमा भारती ने इस घटना को लेकर रोष व्यक्त किया है और अपनी पीड़ा बयान की है। उनका कहना है, कि मणिपुर की महिलाओं के अपमान की घटना पर दुःख गहराता जाता है।  विपक्ष आरोप लगाता है कि प्रधानमंत्री जी पार्लियामेंट के अंदर बोल दें या एन. वीरेन सिंह इस्तीफा दे दें फिर हम कहते हैं कि राजस्थान और बंगाल में भी तो ऐसा होता है।

यदि सब जगह ही ऐसा होता है तो सभी जगह गलत नहीं हैं ? दो गलत कैसे मिलाकर एक सही हो जाएगा ? सबसे बड़ा सवाल पुलिस क्यों नहीं पहुंची क्योंकि घटना बहुत लंबे समय तक चलती रही। आसपास की पुलिस की चौकी या थाना जो भी हो वह सब उतने ही बड़े दंड के भागीदार हैं जितने कि मूल अपराधी लोग।

महिलाओं को इस तरह से निर्वस्त्र घुमाते हुए छेड़खानी करते हुए और उनके पिता और भाई बचाने आए तो उनके टुकड़े-टुकड़े करते हुए जैसी घटना होना पूरे देश एवं पूरी दुनिया के लिए कलंक एवं शर्मिंदगी की बात है।

अगर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकनी है तो मौके पर न पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों पर कठोरतम कार्यवाही हो। भारतीय दंड विधान संहिता में जो कठोरतम दंड ऐसे अपराध के लिए हो वह फास्ट ट्रेक कोर्ट के जरिए उनको दंडित किया जाना चाहिए।

पूरे देशवासियों को और पूरी राजनीतिक व्यवस्था को उन महिलाओं से अपने गुनाहों की क्षमा याचना करनी चाहिए। इसलिए कृपया मणिपुर, राजस्थान, बंगाल का इस पर कंपटीशन मत कराइए, सभी लोग मिलकर माफी मांगिए।